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रंडी की पैदाइश – Hot Sex Story

Randi ki padaish

सबसे पहले “HotSexStory.xyz” के पाठकों को मेरा नमस्कार!!

मित्रो, मेरा नाम राम है और मैं एक इंजीनियर हूँ तथा दिल्ली में नौकरी करता हूँ।

मैं पिछले कुछ समय से “एच एस एस” का नियमित पाठक हूँ।

“एम एस एस” पर यह मेरी पहली कहानी है, जो मेरे जीवन की सच्ची कहानी है…

जब मैं नवीं कक्षा में था और शादी के सिलसिले में एक रिश्तेदार के यहाँ गया था। मैं घर से मम्मी के साथ दो दिन पहले ही शादी में चला गया था।

शादी के घर में बहुत लड़किया आई थीं, जिसमें रानी नाम की एक लड़की भी आई थी… जो दिखने में तो मोटी थी; लेकिन थी, बडी़ गोरी!!

क्यूंकी मैं लडका था और शहर से गया था इसलिये मेरे लिए छत पर कमरे में ही बिस्तर लगा दिया गया और खाने के बाद मैं सोने चला गया।

गाँव मे लाईट नहीं थी, इसलिए मैं चुपचाप आँख बंद करके लेट गया।

मेरे जाने के लगभग दो घंटे के बाद सभी लड़कियाँ सोने के लिए ऊपर आ गईं…

जाडे़ के दिन थे; इसलिए मैं बिना हिले डुले सो रहा था।

सभी लड़कियाँ लेटने के बाद बातें करने लगीं, बातों बातों में सब चुदाई की बातें करने लगीं!!!

एक बोली – मैं अब तक “71” लोगों से चुदवा चुकी हूँ!!!

तो दूसरी बोली – मैंने “49” से चुदवाया है!!!

यह सब सुन कर मेरा लण्ड खडा हो गया था… … और मन ही मन मैंने सभी लड़कियों को चोदना भी चालू कर दिया।

फिर नीता बोली – यार!! मेरी झाँटें बहुत बडी हैं…

रुपा – तो साफ किया कर ना, छिनाल…

नीता – टाइम नहीं मिला ना, रे…

रुपा – माँ चुदाने दे यार, झांट को; मेरा तो अपनी चूत चुदवाने का मन कर रहा है… …

काजल बोली – हाय मेरी रांड़, तो मेरे भाई से चुदवा ले…

इतने में रानी बोली – रंडियो!! भाई से चुदवाओ या बाप से, पर पहले अपनी झांट तो साफ कर लो…

नीता बोली – तू तो ऐसे कह रही है, जैसे तू दोनों से चुदवा कर आई हो।

इस पर रानी बोली – बहन की लौड़ी, 100 से ज़्यादा लण्ड खा चुकी हूँ… मुझे मालूम है बाप हो या भाई, झांट किसी को पसंद नहीं आती; समझी!!

लड़कियों की इन बातों ने मेरे लण्ड का पानी निकाल दिया और अब मैंने मन ही मन रानी को चोदने का फैसला कर लिया।

रानी, मुझसे कई साल बडी थी और जैसा की उसने कहा था कम से कम सौ लड़को से भी ज्यादा से चुदवा चुकी थी… ऐसे में मुझे यौन रोग का भी खतरा था पर मेरा लण्ड इतना बेताब था कि मैं उससे चोद्ने को मचल गया था!!

इतने में रुपा बोली – यार, कहीं ये राम हमारी बात सुन तो नहीं रहा होगा…??

इस पर रानी बोली – सुन ले तो बहुत अच्छी बात है, राम से चुदवा लेना…

रुपा बोली – तू ही चुदवा ले ना छीनाल, वैसे भी तुझे क्या फ़र्क पड़ता है; रंडी की पैदाइश… पूरा गाँव जनता है, तेरे ग्राहक भी तेरी माँ ढूँढती है और जब तू चुदती है तो तेरी माँ कुतिया की तरह घर के बाहर खड़े होकर पहरा भी देती है… और तो और सारा गाँव तो यह भी कहता है कि तेरे मामा और उनके लड़को तक ने तेरी चूत मारी है!!! तू और तेरी माँ तो रंडी के लिए भी गाली है… … …

दोस्तो, मैं बता नहीं सकता मुझे कितना मज़ा आ रहा था; इन बातों को सुन कर…

इधर रानी गुस्से से तमतमा रही थी और उसने कुछ बोलने के लिए मुँह खोला ही था कि किसी के आने कि आहट आई, वो मामी और मौसी थीं… वह भी सोने आई थीं!!! !!

मामी आते ही बोलीं – रुपा, थोडा बिस्तर खिसकाओ; मुझे खाट डालनी है।

बिस्तर खिसकाने से रानी मेरे बिल्कुल बगल में आ गई… अब मेरी बेचैनी और बढ़ गई…

खैर, अब मैं रानी की जवानी के बारे में सोच कर अपने लण्ड को तडपा रहा था…

सोच रहा था, क्या यह वाकई इतनी बड़ी रांड़ होगी…?? सोचते सोचते मैंने अचानक उसकी रजाई में हाथ डाल कर उसके ऊपर रख दिया और कुछ देर वैसे ही रखे रहा।

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

मैंने सोचा – है ही, रंडियो के कुनबे की कुछ बोली भी तो लोग यही कहेंगे – अरे!! यह तो है ही; छीनाल!!

कुछ भी हो, मैं फिर भी डर तो रहा था; लेकिन मजा भी आ रहा था… आख़िरकार, हिम्मत करके मैं उसे सहलाने लगा।

सहलाते सहलाते मैं भूल गया कि मैं क्या कर रहा हूँ!!!

अचानक मैंने महसूस किया कि कोई चीज मेरे ऊपर चल रही है!! वो और कुछ नहीं; रानी का हाथ था, जो मेरे बदन को रगड रही थी…

उसके इस इशारे से मैं जान गया कि वह सच मैं छीनाल ही है और अपने बाप का लण्ड भी खाने से नहीं चूकेगी!!!

बस तो अब क्या था… अब हम एक दूसरे के बदन से खेल रहे थे और मैंने अपना हाथ निसंकोच उसकी चूत में घुसा दिया और चूत को ज़ोर ज़ोर से सहलाने लगा!!!

वो भी मेरे लण्ड से एक कुशल रांड़ की तरह खेल रही थी। फिर अचानक वह मेरे बिस्तर पर आ गई और मेरे ऊपर लेट गई।

उसका शरीर भारी था… उसको यह एहसास हो गया था तो वह मेरे कान मे बोली कि तुम मेरे ऊपर आ जाओ और मैं उसके ऊपर आ गया।

मेरे ऊपर आते ही उसने कस कर मुझको छाती मे दबा लिया और मेरे होंठों को रस की तरह चूसने लगी!!!

उसने खुद ही मेरी अण्डरवीयर नीचे कर दी।

मैंने भी उसका टाप ऊपर करके ब्रा का हुक खोल दिया जिससे उसकी चूची और मेरी छाती एक दूसरे को रगडने लगी!!

फिर जब मैं स्कर्ट निकालने लगा तो वो बोली – प्लीज, कपडे मत निकालो… कोई जाग गया तो; पहन नहीं पाऊँगी…

मैंने कहा – सारा गाँव तो जानता है कि तू और तेरी माँ रंडी है, फिर तुझे फ़िक्र क्यूँ है…??

इस पर वो बोली – बहन-चोद; क्या कभी किसी रंडी को सड़क पर नंगा घूमते देखा है…

मैं चुप रहा और मैंने उसकी स्कर्ट ऊपर करके पैन्टी बाहर निकाल दी। देर ना करते हुए तुरन्त लगभग 8 इन्च का मेरा लण्ड अपनी चूत के अन्दर ले लिया।

उसकी चूत भटठी की तरह दहक रही थी और मेरा खडा लण्ड रानी की गुफा में खो चुका था।

कमरे में लोग थे, तो हम लोग धीरे धीरे चुदाई कर रहे थे…

पर रानी तो एक नंबर की चुदक्कड़ छिनाल थी, अचानक रानी के मुँह से अहहहहहहहहहह… की आवाज़ आई।

फिर वो धीरे धीरे बोलने लगी – चोदो और चोदो… और हम दोनों झड गए!!!

शान्त होने के बाद; वो मेरे गाल को काट कर अपने बिस्तर पर चली गई।

शादी का माहौल होने के कारण, हम दुबारा चुदाई का खेल नहीं खेल पाए।

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