मौसी को रात में पापा ने पेला दिन में मैंने ठोका–3

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Mausi ko raat me papa ne pela din me maine thoka-2

कहानी के पहले भाग में आपने पढ़ा कि किस तरह मैंने मेरी गरिमा मौसी को मेरे पापा से चुदाई कराते हुए देखा,फिर किस तरह से मैंने मौसी को मुझे चूत देने के लिए तैयार किया। अब कहानी आगे………..
मैं मौसी की चूत में लगातार पेलामपेल कर रहा था। अब तक मै मौसी की चूत का भोसड़ा बना चुका था।मुझे मौसी को चोदते हुए बहुत देर हो गई थी। अब मैंने मौसी की चूत में से लंड बाहर निकाल लिया और मौसी की गांड के नीचे तकिया लगा दिया।
अब मैंने मौसी की दोनो टांगो को फैला दिया और मौसी की चूत पर मुंह मार दिया। अब मैं मौसी की गरमा गर्म चूत को चाटने लगा।आह! क्या मस्त खुशबु आ रही थी मौसी की चूत से।आह मै तो पागल ही हो गया था। अब मैं मौसी की चूत को रगड़कर चाटने लगा।मुझे मौसी की चूत चाटने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।

मैं पूरी शिद्दत से मौसी की चूत चाट रहा था। अब मौसी फिर से धीरे धीरे कसमसाने लगी। अब मैं मेरी जीभ मौसी के गुलाबी छेद में पहुंचा चुका था।तभी मौसी सिहर उठी और उन्होंने मेरे सिर को चूत पर दबा दिया। मैं बुरी तरह से मौसी की चूत के गुलाबी दाने को रगड़ रहा था।मौसी बुरी तरह से कसमसा रही थी।
मौसी– ऊंह आह आह ऊंह आह ऊंह आह आह ओह।
कुछ देर में ही मौसी पागल हो गई थी।फिर मैंने थोड़ी देर अच्छी तरह से मौसी की चूत के गुलाबी छेद को रगड़ा।मौसी की चूत चाटने के बाद अब मैंने मौसी की एक टांग को पकड़ा और फिर मौसी की चूत में दो उंगलियां एकसाथ घूसाकर मौसी की चूत को सहलाने लगा। अब मौसी फिर से सिसकारियां भरने लगी।

मौसी– ऊंह आह आह ओह ऊंह आह आह आह ऊंह।
मैं– ओह मौसी।बहुत गरमा गर्म है आपकी चूत तो।
मैं उंगलियों को घुमा घुमाकर मौसी की चूत को सहला रहा था।मौसी की बहुत बुरी तरह से गांड़ फट रही थी।
मौसी– ऊंह आह आह आह आह ओह ओह रोहित।मत कर यार ऐसा।मेरी जान निकल रही है।
मैं– तो जान निकलने दो मौसी।
मौसी बहुत बुरी तरह से तड़प रही थी।मै मौसी की चूत को बुरी तरह से सहला रहा था।मौसी हाथ पैरो को उठा उठाकर फेंक रही थी।मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।फिर मैंने बहुत देर तक मौसी की चूत को बुरी तरह से सहलाया।

अब तक गरिमा मौसी की पूरी गर्मी निकल चुकी थी। अब मैंने फिर से गरिमा मौसी को फोल्ड कर दिया और उनकी चूत में लंड सेट कर दिया। आज तो मौसी पानी पानी हो चुकी थी।उनके चेहरे पर बहुत सारा पसीना बह रहा था।खैर अब जो भी था, मेरे लन्ड को तो मौसी की चिकनी चूत नजर आ रही थी।तभी मैंने फिर से ज़ोर का झटका दिया और लंड को फिर से मौसी की चूत की सैर करा दी।
अब मैं गांड़ हिला हिलाकर मौसी को फिर से चोदने लगा।मौसी फिर भी आहे भरने लगी।

मौसी– ऊंह आह आह ऊंह आईईईई आईईईई ऊंह।
मैं– ओह मौसी आप बहुत सेक्सी माल हो।
मौसी– आह आह आह ओह आऊ ऊंह आह आह।

मेरा लन्ड मौसी को गहराई में उतर कर चोद रहा था। मैं ताबड़तोड़ मौसी अच्छी तरह से ठुकाई कर रहा था।गरिमा मौसी की चुदाई करना मेरे लिए बड़े सौभाग्य की बात थी। अब तक मेरा लन्ड मौसी की हालत खराब कर चुका था। अब मेरा लन्ड मौसी को चोद चोदकर थक चुका था।तभी मैंने मौसी को कसकर मेरे नीचे दबा लिया और मेरे लन्ड का पूरा पानी मौसी के खजाने में भर दिया। अब मैं पानी पानी होकर मौसी के जिस्म से लिपट गया।

अब कुछ देर बाद मैं होश में आया और मौसी के रसीले होंठों को चूसने लगा। मैं फिर से मौसी के होंठो पर टूट पड़ा था। मैं रगड़कर मौसी ने होंठो को चूस रहा था।फिर कुछ देर में ही मैंने मौसी के होंठो को अच्छी तरह से पी डाला।
अब मैंने मौसी के बड़े बड़े चिकने बूब्स को पकड़ लिया और उन्हें अच्छी तरह से फिर से मसलने लगा।मौसी फिर से कसमसाने लगी।
मौसी– ऊंह आह आह ऊंह आह आह आईईईई।
मैं– ओह मौसी बहुत कमाल के बूब्स है आपके तो।
मौसी– तेरे पापा ने चूस चूस कर बहुत बड़ा कर दिया इन्हे।

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मैं– क्यो? मौसा जी नहीं चूसते है क्या?
मौसी– वो तो बहुत कम चूसते है। असली मज़ा तो तेरे पापा ही देते है।
मैं– अच्छा! गजब के शातिर इंसान निकले पापा तो।
अब मैंने मौसी के बूब्स को फिर से मुंह में दबा लिया और फिर से मौसी के बूब्स का मज़ा लेने लगा। मैं अच्छी तरह से रगड़कर मौसी के बूब्स को चूस रहा था।मौसी भी बिना कोई नखरे दिखाए मुझे अच्छी तरह से बूब्स का मज़ा दे रही थी।फिर कुछ देर में ही मैंने मौसी के बूब्स को चूस डाला।

अब मैंने मौसी को पलट दिया। अब मैंने मौसी के ब्लाउज को खोल फेंका।फिर मैंने मौसी को थोड़ी सी ऊपर उठाया और उनके पेटीकोट का नाड़ा खोल कर मौसी की साड़ी और पेटीकोट को एकसाथ निकाल फेंका। अब मौसी पूरी नंगी हो चुकी थी।
आह! क्या मस्त सेक्सी गांड़ थी मौसी की यारों! ओह।मौसी के चूतड़ बहुत ज्यादा उठे हुए और एकदम गौरे चिकने थे।मौसी के चूतड़ों को देखते ही मुझसे रहा नहीं गया। अब मौसी के चूतड़ों को सहलाने लगा।
मै– ओह मौसी।गजब के चूतड है आपके।

मैं अच्छी तरह से मसल मसलकर मौसी के चूतड़ों का पूरा मज़ा लेने लगा।मौसी तो पस्त होकर चुपचाप पड़ी हुई थी। मैं उनकी गांड़ को अच्छी तरह से सहला रहा था। अब मौसी की गांड को अच्छी तरह से सहलाने के बाद मैंने मौसी की गांड को चूमना चालू कर दिया। अब मैं मौसी की गांड पर ताबड़तोड़ तरीके से किस करने लगा।मुझे मौसी की चिकनी गांड़ पर किस करने में बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था।
मौसी कसमसाने लगी और इधर उधर हिलने लगी। मैं अच्छी तरह से मौसी की गांड को चाट रहा था। अब मैं मौसी की चमचमाती हुईं पीठ पर पहुंच गया और मौसी के सेक्सी जिस्म को मसलने लगा।ओह मौसी का सेक्सी जिस्म मुझे पागल करने लगा। मैं मौसी के जिस्म के कतरे कतरे को हिला रहा था।मौसी अच्छी तरह से सिसकारियां भर रही थी।

मौसी– ऊंह आह आह ऊंह आईईईई ऊंह।
मैं– ओह मौसी बहुत सेक्सी बदन है आपका।
मौसी के सेक्सी जिस्म को मसलने के बाद मैंने मौसी की चिकनी पीठ को किस करके अच्छी तरह से रगड़ डाला। अब मैंने मौसी को बेड पर से उठाया और नीचे ले आया। अब मैंने मौसी मेरा लन्ड चूसने के लिए कहा। अब मौसी नीचे बैठ गई और मैं खड़ा हो रहा। अब मौसी ने मेरे मोटे तगड़े लंड को पकड़ा और उसे मसलने लगी।

मौसी के हाथो में जाते ही मेरा लन्ड फूलकर कुप्पा हो गया। अब मौसी ने थोड़ी देर मेरे लन्ड को मसला।फिर मौसी ने लंड को मुंह में डाल लिया। अब मौसी एक हाथ से मेरे लन्ड को पकड़ कर अच्छी तरह से मेरे लन्ड को चूसने लगी।
मैं– ओह मौसी।आहा मज़ा आ रहा है।बस ऐसे ही चूसती रहो।

HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!

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