फेसबुक पर मिली भाभी बोली फक मी

Facebook par mili bhabhi boli fuck me

हेल्लो दोस्तो,

मेरा नाम आयुष है, मैं दिल्ली में रहता हूँ और मैं इंजीनियरिंग का छात्र हूँ। लोग कहते हैं, मैं दिखने मैं काफी अच्छा हूँ।

मेरी उम्र है उन्नीस साल और कद है 5’7″। मेरे लण्ड का साईज सामान्य है, दूसरे लेखकों की तरह नहीं कहूँगा कि मेरा लण्ड 8″ का है या 10″ का है।

मैंने एम एस एस में लगभग सभी कहानियाँ पढ़ी हैं।

अब मैं हाजिर हूँ, आपके मनोरंजन के लिए अपनी पहली सेक्स कहानी लेकर, उम्मीद करता हूँ कि आपको पसंद आएगी, पहली बार कहानी लिख रहा हूँ, अगर कोई गलती हो जाये तो नदान सोच कर माफ़ कर देना।

तो, यह कहानी दो साल पहले की है…

दोस्तो, मैं रोज फ़ेसबुक पर बात करता हूँ। यूँही, एक दिन एक लड़की का मैसेज आया और हमारी बात होने लगी।

उसने अपना नाम रिया बताया, वो शादीशुदा थी। कुछ ही दिनों में हमारी बातें सेक्स तक पहुँच गई।

उसने मुझे बताया कि उसके पति बिजनेसमैन है और वो बहुत कम सेक्स का मज़ा ले पाती है।

डाक्टरी ज्ञान के चलते मैंने उसे कुछ दवाइयाँ बताई, जिससे उसके पति को आराम आया।

इसके कुछ समय के बाद उसका फ़ोन आया कि वो मुझसे मिलना चाहती है।

शुरू में तो मैंने मना किया, पर आप तो जानते ही हैं, लड़की के आगे किसी की नहीं चलती। तो फिर एक दिन मैं तैयार होकर उसके यहाँ पहुँचा, और मैने बेल बजाई।

उनके घर काम करने वाली किसी औरत ने दरवाजा खोला।

मैंने पूछा – रिया जी हैं क्या, घर पर?

उसने कहा – आप आयुष सर हैं क्या?

मैंने हाँ में सिर हिलाया और वो मुझे अन्दर ले गई।

घर के अन्दर मैं एक रूम के सोफे पर बैठ गया, कुछ ही देर में ऊपर से रिया आई।

उसे देखकर तो जैसे मैं जम ही गया। क्या लग रही थी वो, सफ़ेद रंग की साड़ी में… उसने काले रंग का ब्लाउज पहन रखा था।

दोस्तो, एकदम सफेद बदन… बूब्स होंगे लगभग 32… कमर 28… और गाण्ड 36… ऐसा लगा, जैसे आसमान से कोई परी उतर आयी हो।

उसने कहा – किसके ख्याल में हो यार, कोई लड़की का चक्कर तो नहीं है?

मैंने बात घूमाते हुए कहा – अरे नहीं, मैं तो बस तुम्हारा घर देख रहा था। फ़िर इधर-उधर की बात होने लगी।

बात-बात में उसने मुझसे कहा – मैं कैसी लगी तुम्हें?

मुझे कुछ समझ नहीं आया और मेरे मुँह से निकल गया, अगर मेरी कोई लवर होती तो तुम्हारी तरह ही होती।

उसने कहा – तो क्या मैं कुछ नहीं? और उसने अपने होंठों को मेरे होंठों से मिला दिया, मेरा भी सब्र का बाँध टूट गया।

अब मैं भी उसके होंठों को चूमने लगा और एक हाथ को उसके शरीर पर घुमाने लगा और उसके दूध को मसलने लगा।

वो मुझे कस के पकड़ कर किस कर रही थी, फ़िर मैंने उसके दूध को ब्लाउज से निकाला और अब निप्पल को मसलने लगा।

वो पूरी तरह गर्म हो गई थी और आह… आह… उफ़… की आवाज़ निकाल रही थी।

अब मैं उसके दूध को पीने लगा। रिया, आआआआआआऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़… ईईईइ… कर रही थी।

धीरे-धीरे मैं अपनी जीभ को उसके पेट पर घुमाने लगा।

रिया कह रही थी- यायायाय्याआआआअ… ऊऊउईईइ… आख़िर, मैंने अपनी जीभ उसकी कोमल सी गुलाबी चूत पर रख दी और चाटने लगा।

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

रिया – उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़… यस ओह या… ऊऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़…

अब उसने मेरे लण्ड को पकडा और कस-कस के मसलने लगी और फिर रिया बोली – हनी, अब बस के बाहर हो गया है। प्लीज़, फक मी…

मैंने भी देर नहीं की, क्यूंकी रिया एक बार झड चुकी थी। मैंने अपना लण्ड उसकी चूत के मुँह पर रखा और एक धक्का मारा।

रिया – ओ माई गोड, आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह…

फ़िर मैं धीरे -धीरे करता रहा।

रिया – ऊऊऊऊऊऊउफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़… ईईईईईईईइ… ऊऊऊओ… यस हनी फक… आआआआआ…

मैं भी तेज – तेज करने लगा।

वो – यस हनी, फक… यस हनी फक… यस हनी फक… यस हनी फास्टर… ऊऊऊऊफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़…

मेरी रफ़्तार और तेज हो गई।

यस हनी फास्टर… आआआआआआअ…
यस हनी फक मी हार्ड… ऊऊऊऊऊऊफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़…

रिया 3 बार झड गई, अब मैं भी झडने वाला था, मैंने पूछा – कहाँ निकालूँ?

रिया बोली – अंदर ही निकाल दो।

फ़िर हम लोग सो गये, जब मैं जगा तो सुबह के 10 बजे थे। मैंने उससे पूछा – तुमने ये सब क्यूँ किया?

उसने कहा कि उसे जो सुख मैंने दिया है, वो उसके पति कभी नहीं दे सकते थे।

मैंने कहा – मतलब?

वो बोली – मैं बच्चा चहिती थी, और सेक्स का मजा भी।

आज भी वो मेरी अच्छी दोस्त है और उसका एक खुशहाल जीवन है। दोस्तो, एक लड़का है उसका।

इसके बाद मैंने बहुत घर बसाये है…

दोस्तो, मेरी कहानी कैसी लगी या कोई गलती हुई हो तो बताना –

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *