Daily news update

पूरे का पूरा लण्ड चूत में 1

Pure ka pura lund chut me-1

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम पंकज है और मैं “एम एस एस” का पिछले 7 महीने से नियमित पाठक हूँ…

मैंने “एम एस एस” पर बहुत सी कहानियाँ पढ़ीं और मुझे अच्छी भी लगीं!!

दोस्तो, मैं आपको पहले अपने बारे में बता दूँ…

मैं जयपुर में रहता हूँ। यह कहानी तब की है, जब मेरा घर पर किसी कारण से झगड़ा होने की वजह से मैं 3 साल के लिए घर से दूर एक रूम किराय पर लेकर रहता था और खर्चे के लिए मिनी बस पर खलासी का काम करता था।

उस वक़्त मेरी मुलाकात एक बस ड्राईवर से हुई, जिसका नाम अनिल था।

कुछ ही दिनों में, मेरी अनिल से काफी अच्छी दोस्ती हो गई…

कुछ दिनों बाद अनिल का खलासी, किसी काम से अपने घर चला गया। अब उसे एक खलासी की ज़रूरत थी, तो उसने मुझसे बात की और कहा कि मैं उसके साथ परमानेन्ट गाड़ी पर चलूँ और उसी के साथ रहूँ।

मैंने कहा – ठीक है, पर मैं हफ्ते में एक दिन की छुट्टी करूँगा।

उसने कहा – ठीक है…

फिर मैंने कहा – एक तारीख को आ जाऊंगा।

जब मैं एक तारीख को अनिल के घर पहुँचा, तो अनिल की वाइफ ने गेट खोला और पूछा – आप कौन…??

मैंने कहा – मुझे अनिल ने बुलाया है, गाड़ी पर चलने के लिए…

फिर उसने मुझे बताया – अनिल तो किसी काम से अपने गाँव गए हुए हैं। 4-5 दिनों में आयेंगे!! लेकिन अनिल ने मुझे बताया था कि कोई आने वाला है…

यह कहकर उसने मुझे अंदर आने को कहा और मुझे अपना कमरा दिखाया और कहा नहा-धोकर खाना खाने आ जाइए।

मैंने कहा – ठीक है…

मैं फ्रेश होकर खाना खाने आ गया। खाना खाते समय मैंने पूछा – आप का नाम क्या है…??

उसने अपना नाम “राधिका” बताया…

फिर उसने मुझसे पूछा कि क्या मैं यहाँ जयपुर में अकेला ही रहता हूँ…??

तो मैंने उसे बताया – यहाँ मैं अपने परिवार के साथ रहता हूँ पर किसी कारण से अभी अकेला ही रह रहा हूँ, अलग रूम लेकर…

हमने खाना खाया और काफी सारी बातें करी। थोड़ी देर बाद मैं अपने रूम में आ गया और अपने कपड़े खोल कर सो गया।

मुझे पता ही नहीं चला मेरी आँख कब लग गई। जब आँख खुली तो देखा राधिका मेरे सामने चाय लेकर खड़ी थी…

मैं एकदम चोंक गया तो राधिका ने मुझसे कहा – कोई बात नहीं, घर पर ही तो हो। आगे से ध्यान रखना…

मैंने कहा – ठीक है… और राधिका ने मुझे चाय दी और बाहर चली गई।

फिर कुछ देर बाद राधिका ने मुझे बुलाया और कहा, मैं उसके साथ बाजार चलूँ।

मैंने कहा – ठीक है… और मैं तैयार होकर राधिका के साथ बाजार निकल गया।

बाज़ार से शोपिंग करके जब हम घर लौट रहे थे, तब बस में भीड़ होने के कारण राधिका मुझसे चिपक के खड़ी हो गई…

राधिका की गाण्ड मेरे लिंग से बिलकुल चिपकने के कारण मेरे लिंग में एक अजब सा तनाव पैदा हो गया, जो मेरे साथ पहले कभी नहीं हुआ था!!

अब मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो चुका था जिसका शायद राधिका को भी एहसास हो रहा था। लेकिन राधिका ने मुझे कुछ नहीं कहा…

थोड़ी देर बाद हम घर पर आ गये, राधिका कपडे बदल के किचन में चली गई और में भी कपडे बदल के हॉल में टीवी देखने बैठ गया। तभी राधिका ने मुझे बुलाया – पंकज, जरा किचन में आना!!

मैं खड़ा होकर किचन में चला गया, मैंने देखा राधिका ने बिलकुल ही पतला सा नाईट गाउन पहन रखा है जिसके कारण राधिका का जिस्म मुझे बिलकुल साफ दिख रहा था!! !!!

मेरी नजर एकटक राधिका को देख रही थी तभी राधिका ने कहा – मुझे ऐसे क्या देख रहे हो…?? पहले कभी किसी औरत को नहीं देखा…??

मैं बहुत डर गया और कहा – नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है… आज से पहले कभी इतनी खुबसूरत औरत को नहीं देखा!! ख़ास तौर पर ऐसी नाईट ड्रेस में तो किसी को नहीं…

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

तो राधिका ने मुझसे पूछा – ऐसा इस ड्रेस में क्या है…??

मैंने तुरंत कहा – ड्रेस में नहीं, इसे पहनने वाले में कुछ बात है!!

राधिका ने कहा – कोई तारीफ़ करना तो तुम बस वालों से सीखे… अब तारीफ करना बंद करो और मेरी कुछ मदद करो…

मैंने कहा – ठीक है, पर मुझे किचन का कम नहीं आता… इस पर राधिका ने कहा – कोई बात नहीं… मैं सीखा दूंगी!!

यह कहकर राधिका मेरे पीछे खड़ी हो गई, जिससे राधिका के बूब्स मेरी कमर में चुभने लगे, मुझे बहुत आनंद आ रहा था… तभी राधिका ने मुझसे कहा – बस में तुम क्या कर रहे थे…??

मैंने कहा – कुछ तो नहीं!! वो भीड़ होने के कारण में आप से चिपक गया था और कोई बात नहीं…

राधिका ने तिरछी नज़रों से मुझे देखते हुए कहा – चलो, ठीक है…

फिर मैं दुबारा हॉल में बैठकर टीवी देखने लग गया, राधिका ने खाना लगा कर मुझे बुलाया – पंकज, खाना तैयार है, आकर खा लो!!

मैं खाना खाने चला गया।

खाना खाने के बाद मैं टीवी देखने बैठ गया। कुछ देर राधिका ने भी मेरे साथ टीवी देखी, फिर मुझसे कहा – मैं सोने जा रही हूँ, किसी चीज़ की जरूरत हो तो मुझे बुला लेना…

मैंने कहा – ठीक है… और मैं टीवी देखने लगा तभी राधिका ने मुझे आवाज लगाई – पंकज, जरा रूम में आना!!

जब मैं रूम में गया तो मैंने देखा राधिका सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में थी, जिसे देख कर में पागल हो गया!!

एक मन तो हुआ कि जाकर राधिका को अभी चोद दूँ, प्यार से नहीं तो जबरदस्ती!! लेकिन मैंने खुद को संभाला और बोला – हाँ जी!! क्या बात है…??

इस पर राधिका ने कहा – मेरी पीठ में बहुत दर्द हो रहा है, जरा सी बाम लगा दो…

मैंने कहा – ठीक है, आप लेट जाओ और मैंने उसकी पीठ पर बाम लगानी शुरू कर दी…

धीरे धीरे मेरी हालात खराब होने लगी, मुझे फिर से बस वाला दौरा पड़ना चालू हो गया। मेरा लिंग पूरी तरह से तन केर पेंट से बाहर आने के लिये उछलने लगा!!! !!

मालिश करते समय राधिका ने एक खेल और खेला और मुझे कहा – पंकज जरा इस ब्रा के हुक को खोल कर अच्छी तरह से मालिश कर दे…

आख़िर मैं क्यूँ मना करने लगा, मैंने ठीक वैसे ही किया!! राधिका के ब्रा का हुक खोल कर मालिश करने लगा… मालिश करते हुए धीरे धीरे मैंने अपना हाथ राधिका के बूब्स पर लगाया और मसलने लगा!!!…

थोड़ी देर के बाद मैंने अपना हाथ हटा लिया, इस पर राधिका ने कहा – क्या हुआ…??

कहानी जारी है…

अगर आपको हमारी साइट पसंद आई तो अपने मित्रो के साथ भी साझा करें, और पढ़ते रहे प्रीमियम कहानियाँ सिर्फ HotSexStory.xyz में।

0Shares

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *