दीदी की शादी में मिली शानदार चूत 2

Didi ki shadi me mili shandaar chut-2

वो मेरे कंधे पर सर रखकर बैठ गई, फिर हमने लगभग 15 मिनट एक-दूसरे को किस किया।

मैं उसके शर्ट के ऊपर से ही उसकी चुचियों को दबाए जा रहा था, उसने अंदर ब्रा पहन रखी थी।

पर दोस्तो, रात काफ़ी हो चुकी थी इसलिए हम फिर घर चल दिए।

घर पहुँच कर दीदी ने स्वप्निल को कमरे में बुलाया और पूछा – कहाँ-कहाँ घूमने गए थे तुम लोग?

इसके बाद स्वप्निल और दीदी एक-दूसरे की बातों में उलझ गए।

मैंने मौका देखकर स्वप्निल को इशारे से अपने कमरे मे आने को कहा।

रात नौ बजे वो मेरे कमरे में आई और जल्दी से डोर लोक कर दिया, हाय… उसे पाकर तो मेरे भाग्य ही खुल गए थे।

मैंने फ़ौरन उसको गोद में उठाया और बेड पर लेटा दिया।

वो बोली – ये क्या कर रहे हो? कोई देख लेगा।

मैंने बोला – चिंता मत करो, मेरे कमरे में मुझे डिस्टर्ब करने कोई नहीं आता।

उसने अपने कपड़े बदल कर लोवर और टॉप पहन लिया था।

अब मैं उसके बगल में लेट गया। और उसके ऊपर आकर होंठो पर किस करने लगा। वो भी पहले की तरह मेरा साथ देने लगी, फिर मैं उसके गले पर बेतहाशा चूमने लगा।

उसने अब सिसकारियाँ भरनी शुरू कर दी थी, किस करते-करते मैं उसके चुचों तक पहुँच गया और चुचों को दाँत से काटने लगा।

इस बीच मैंने उसका टॉप उतार दिया, उसने सफेद पारदर्शी ब्रा पहन रखी थी।

ब्रा के ऊपर से ही मैं उसके निप्पल को दबाने लगा और ज़ोर से मसलने लगा।

फिर धीरे से मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी।

उफ़… क्या नज़ारा था, उस समय का। उसके सफेद गोरे दूध मेरे सामने बिल्कुल नंगे थे।

अब मैंने उसके निपल को बेतहाशा चूसना शुरू कर दिया।

वो आ… आह… सस्स… आअह… कर रही थी, उसके दोनों नंगे चुचों को मैंने खूब चूसा।

फिर मैंने उसके लोअर को नीचे सरका दिया। शर्म से उसके गाल लाल हो गए और उसने अपनी आँखें बंद कर ली।

उसने गुलाबी रंग की पैंटी पहनी थी, मैंने फ़ौरन पैंटी के ऊपर से ही चूत पर हाथ रख दिए।

वो एक दम से चिहुक गई, चूत के रस से उसकी पैंटी गीली हो गई थी।

वो मेरा हाथ वहाँ से हटाने लगी और कहने लगी – प्लीज़ मत करो, अभी ये करना सही नहीं है।

मैंने कहा – तुम्हें मुझपर भरोसा है ना।

उसने कहा – हाँ।

फिर मैंने उसकी पैंटी के अंदर चूत में हाथ डाल दिया और एक उंगली चूत में डाल दी, पहले तो दर्द से थोड़ा वो कसमसाई, लेकिन फिर उसको मज़ा आने लगा।

मैंने अब और ज़ोर से हिलना शुरू कर दिया, उसे और आनंद आने लगा। मेरी उंगली में उसका रस लग गया था और मैंने अपनी उंगली उसके मुँह में डाल दी और चूसने को कहा।

पहले तो उसने मना किया, फिर मेरे कहने पर चूसने लगी। उसने मेरी उंगली को चाट कर साफ कर दिया।

अब मैंने उससे अपने कपड़े उतारने को कहा और वो फ़ौरन ही मेरे कपड़े उतारने लगी।

जैसे ही मेरे अंडरवियर से 7 इंच लंबा और 2 इंच मोटा लण्ड निकाला, वो बोली – ओ मेरी माँ, इतना लंबा।

अब मैंने उसको अपना लण्ड चूसने को कहा, वो मना करने लगी।

मैंने बोला – प्लीज़।

कुछ देर बाद वो मान गई और मेरा लण्ड चूसने लगी।

आधा लण्ड ही उसके मुँह मे गया होगा कि उसने बाहर निकाल दिया।

फिर मैंने उसको बेड पर लेटाया और नीचे एक तौलिया बिछा दिया, एक झटके में मैंने उसकी पैंटी उतार दी और उसकी चूत को चूसने लगा।

वो जोश में मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत के अंदर डालने लगी।

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मैं भी अपनी जीभ से उसकी चूत को चोदने लगा। उसकी सिसकारियाँ अब तेज़ हो रही थीं।

उसने अब अपने चूतड़ उछालने शुरू कर दिए थे। वो बोली – मुझे कुछ हो रहा है, प्लीज़ अब कुछ करो ना।

मैं देर ना करते हुए उसके ऊपर आया, उसके दोनों पैरों को चौड़ा किया और अपना लण्ड उसकी चूत के ऊपर रखते हुए उसे किस करने लगा।

इसी बीच मैंने धक्का लगाया और लण्ड का टोपा अंदर चला गया, वो दर्द से चीखने लगी।

उसकी चूत से अब खून बहने लगा था, मैं उसे किस कर रहा था सो ज़्यादा आवाज़ बाहर नहीं आई।

वो बोलने लगी – प्लीज़, इसे बाहर निकलो।

लेकिन मैं क्यूँ सुनने वाला था, मैंने तभी एक दूसरा जोरदार शॉट लगाया और इस बार पूरा का पूरा लण्ड उसकी चूत में समा गया।

वो फिर से बहुत ज़ोर से चिल्लाई, पर मैंने हाथ से उसका मुँह ढँक लिया।

मुझे लगा इस बार आवाज़ कहीं कमरे के बाहर ना चली गई हो।

अब उसकी आँखों से आँसू गिरने लगे थे।

मैं उसे यहाँ-वहाँ किस करने लगा, जब देखा कि अब वो नॉर्मल हो गई है तो मैंने फिर धक्के लगाने स्टार्ट कर दिए।

इस बार वो जांघें उछाल-उछाल कर मेरा साथ देने लगी, वो बोली और ज़ोर से करो और तेज़। उसे भी अब पूरा मज़ा आने लगा था।

मैं भी नॉन-स्टॉप चोदे जा रहा था।

फिर कुछ देर बाद, मैं नीचे आ गया और वो मेरे लण्ड के ऊपर बैठकर चुदवाने लगी।

अब मैंने उसको गोदी मे उठाया और बेड पर लेटा दिया और ज़ोर-ज़ोर से रंडी जैसे चोदने लगा, लेकिन अब उसका शरीर अकड़ने लगा था, मैंने अपने शॉट तेज़ कर दिए।

उसके झड़ने के साथ ही मैंने भी अपना गरमा-गर्म रस उसकी चूत में ही छोड़ दिया।

हम दोनों को ही परम आनंद की प्राप्ति हुई।

इसके बाद हम दोनों एक-दूसरे की बाँहो में 10 मिनट तक सोए रहे। फिर जब हम उठे, उसने तौलिए पर लगे खून के धब्बे को देखा और मुझसे आकर लिपट गई।

मेरे कमरे में बाथरूम था, हम दोनों ने एक-दूसरे को साफ किया।

उसकी पैंटी बिल्कुल गीली हो चुकी थी, सो उसने बिना पैंटी के लोअर पहन लिया और पैंटी मेरे बाथरूम में ही छोड़ दी, वो बहुत खुश थी और मैं भी।

हम दोनों ने एक-दूसरे को लंबा किस किया और फिर वो दीदी के कमरे में चली गई।

उसके बाद हमने कई बार सेक्स किया और अब हम एक-दूसरे को बेइंतेहा प्यार करते हैं।

तो दोस्तो, मेरी कहानी आपको कैसी लगी…

प्लीज मुझे बताइयेगा…

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