दिव्या की दमदार चुदाई 1

Divya ki damdaar chudai-1

एम एस एस पढ़ने वाले सभी मित्रों को मेरा नमस्कार!!!

मेरा नाम रवि है और मैं राजस्थान के जयपुर जिले का रहने वाला हूँ। दोस्तो, मेरी उम्र 28 वर्ष है और लम्बाई 5″9’। सीना है 42 का। मेरा जो बदन है, वो कसरती बदन है और मेरा रंग है गोरा…

तो मित्रों, मेरा काम कुछ ऐसा है, जिसके कारण मुझे लोगों के घर-घर जाना पडता है क्योंकि मैं फ्रीज ठीक करने का भी काम करता हूँ, गरमी के मौसम में।

मेरे इसी पेशे के चलते, मेरी मुलाकात बहुत सी औरतों, भाभियों और लड़कियों से होती है!! !!!

चलो खैर, अब मैं मेरी आप बीती आप लोगों के समक्ष प्रस्तुत करता हूँ।

तो बात तीन साल पहले की है। गरमी का समय था, मैं बहुत व्यस्त था क्योंकि मेरा काम बहुत अच्छा चल रहा था और मेरे पास खाना खाने तक की फुरसत नहीं थी।

तभी मेरे पास एक महिला का फोन आया और उसने कहा – मेरा फ्रीज काम नहीं कर रहा है…

तो मैंने पूछा – क्या दिक्कत हो रही है?

वो महिला – ठंडा नहीं कर रहा है, लाईट जल रही हैं बस। आवाज़ भी कर रहा है…

मैंने बोला – ठीक है, मैं दो दिन बाद आकर देख लूँगा।

वो – तो दो दिन तक क्या मैं गरमी के कारण मरती रहूँगी?

इस पर मैंने बोला – किसी और से करवा लो।

वो – भाईसाब!! फ्रीज ठीक करवाना है, कोई चिडिया नहीं मरवानी है, जो किसी और से मरवा लूँ…

मित्रों, मैं उसकी आवाज़ सुनकर पता नहीं कहाँ खो गया। क्या सेक्सी आवाज़ थी, उसकी… ऐसा लग रहा था कि अवाज इतनी मस्त है तो वो खुद कितनी सेक्सी होगी।

फिर मैं अपने काम में लग गया, उस लेडी का फोन रात दस बजे फिर से आया और मैंने बोला कि मैं कल सुबह ग्यारह बजे तक आ जाऊंगा और मैंने उसका पता नोट कर लिया।

अगले दिन सुबह मैं उसके बताये पते पर पहुँच गया, मैंने घंटी बजाई तो वही लेडी बाहर आई।

दोस्तो, जब मैंने उसको देखा तो मैं तो देखता ही रह गया!!

उसने बोला – हेलो!! क्या हुआ? किससे मिलना है?

अचानक मैं होश में आया और बोला – मैं वो!! फ्रीज के लिए बुलाया था ना…

उसने बोला – अरे हाँ, आओ आओ…

फिर उसने मुझे पानी पिलाया और बोला – आपके कारण हमें गरम पानी पीना पड रहा है, तीन दिन से…

मैंने बोला – बस, अब आप आज से ठंडा पानी पी लेना।

वो बोली – जब तक फ्रीज बिल्कुल ठीक ना हो, जब तक आप मत जाना…

क्या कहूँ, मैं तो उसको देखता ही रह गया था, दोस्तो। क्या माल थी, साली… एक दम कयामत थी वो, बिल्कुल गोरी भक!!

जब वो पानी लेने गई तो मैं उसकी गाण्ड देखकर उस की गाण्ड पर फीदा ही हो गया और सच में मेरी तो चड्डी में हलचल होना शुरू हो गई!!

मन कर रहा था कि फ्रीज को बाद में ठंडा करूँ, उससे पहले मैं खुद इसके ऊपर चढ़ कर ठंडा हो जाऊं…

उसका जिस्म एक दम स्वर्ग की अप्सरा जैसा था, जैसे बिल्कुल फुरसत में बनाया हो, खुदा ने उसको…

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फिर मैं अपने काम में लग गया और वो मेरे पास ही खडी रही, मेरा ध्यान काम में कम उस पर ज़्यादा जा रहा था।

वो समझ गई थी कि मैं बार-बार उसकी तरफ देख रहा हूँ, तो उसने मुझे टोक दिया और कहा – क्या देख रहे हो? अपना काम करो चुपचाप…

मै बोला – नहीं तो, कुछ नहीं। बस, आज गरमी बहुत तेज है, हैं ना।

उसके इस तरह से मेरे पास खडे होने से मुझे ये अंदाज़ा हो गया था कि घर में ये अकेली है। अब फिर मैं मेरे काम में लग गया।

कुछ देर बाद मैंने उससे उसका नाम पूछा – मैडम, आपका नाम क्या है?

उसने बोला – दिव्या!!

मैंने बोलो – दिव्या जी, बुरा मत मानिए पर आप बहुत सुन्दर हो!!

उसने कहा – हाँ, मुझे पता है।

दोस्तो, दिव्या का माप कुछ ऐसा था – ३४-२८-३६!! !!!

फिर कुछ देर बाद दिव्या बोली – आपको कितना समय लगेगा, फ्रिज को ठीक करने में?

मैंने बोला – एक घण्टा करीब लगेगा।

उसने कहा – जब तक फ्रीज ठंडा नहीं हो जाता, जाने नहीं दूँगी मैं आपको, समझे ना…

दिव्या की इस अदा पर मैं तो घायल हो गया!!

मैंने भी उसी अंदाज में उतर दिया – दिव्या जी, आप चिंता मत करो, मैं आज ठंडा करके ही जाऊंगा!! !!!

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दिव्या बोली – ठीक है, मैं नहाने जा रही हूँ, जब तक वापस आऊँ, तब ठीक मिलना चाहिए…

फिर वो नहाने चली गई और इधर मेरा फ्रीज भी लगभग ठीक हो चुका था, मुझे बस अब टेस्टिंग पर छोडना था, जो मैंने छोड दिया।

अब मैं फालतू बैठा था तो मैंने टी वी आन कर लिया और पास में रखी एक सीडी को प्लेयर में लगाया और चालू किया।

मैं देख कर दंग रह गया कि उसमें एक आदमी एक औरत को बहुत बुरी तरह पेल रहा था और वो उसको अलग अलग आसान में चोद रहा था। ऐसा लग रहा था जैसे तुफान मेल दौड रही हो।

वो सीन देख कर मेरी कामवासना जाग गई और मैं ये भी समझ गया था कि दिव्या साली चालू रांड है, तभी तो ब्लूफिल्म की सीडी ऐसे खुली में रखी हुई है।

मैंने टी वी बन्द कर दिया और दिव्या के बाथरूम की तरफ बडा!!

मेरी किस्मत से उसने गेट ठीक से बन्द नहीं किया था, तो अंदर का नज़ारा साफ साफ दिख रहा था!! !!!

वो पूरी नंगी नहा रही थी, उसकी गाण्ड तो उफ़, क्या कहूँ!! साली, क्या कयामत लग रही थी…

मित्रों, उसकी चिकनी चिकनी गाण्ड देख कर मुझ से रहा नहीं गया और मेरा हाथ ना जाने कब मेरे लण्ड पर पहुँच गया, जो अन्दर से फुफ्कारे मार रहा था।

जब मैंने देखा की वो नहा चुकी है और अब बाहर आने वाली है तो मैं जल्दी से कमरे में आकर बैठ गया ताकि उसको शक न हो।

जब वो बाथरूम में से बाहर आई तो मैं उसको देखता ही रह गया, क्या कमामत लग रही थी!! !!!

एक पल तो मेरा मन किया कि साली रांड को अभी पकडूँ और जमीन पर पटक कर चोद डालूं…

मैं उसको वासना भरी नज़रों से घूर रहा था, वो भी एक नंबर की रंडी थी, तुरंत समझ गई, मैं उसको किस नजर से देख रहा हूँ…

थोड़ी देर में दिव्या बोली – क्या देख रहे हो?

तो मैं बोला – क… क… कुछ नहीं द… दि… दिव्या मैडम!!

उसने मुझे घूर कर देखा और पूछा – फ्रिज ठीक हो गया क्या?

मैंने बोला – हाँ वो तो ठीक हो गया, पर मैं खराब हो गया।

दिव्या तुरंत बोली – क्या मतलब? मैं समझी नहीं…

मैंने बोला – अरे नहीं, कुछ नहीं। आप नहीं समझोगे।

दिव्या बोली – आप समझाओ तो सही…

मैं कहा – अरे!! कुछ नही मैडम, आपका फ्रिज ठंडा हो गया है। आप चेक कर लो।

तो दिव्या बोली – तो जब से आप क्या कर रहे थे, चेक भी मैं ही करूँ… इतनी देर से टी वी पर ब्लू फिल्म में मस्त थे और मुझे नंगी नहाते देख रहे थे!! !!!

मित्रों, ऐसे हम कितनी बड़ी बड़ी बातें कर लें, पर वक़्त आने पर हमारी गाण्ड फट जाती है!! वहीं औरतें भले ही घूँघट में रहें, पर वक़्त पड़ने पर हमारी गाण्ड फाड़ देती हैं!! !!!

मनो या न मनो ये सच है, दोस्तो…

खैर, दोनों ही कंडीशन में मेरी गाण्ड फटी हुई थी, मैं एक अकेली औरत के घर पर था और उसने मुझे उसे नंगा नहाते देख लिया था, इसका अंजाम मेरे लिए बहुत अच्छा भी हो सकता था और बहुत बुरा भी…

मुझे मालूम है एम एस एस हम सभी की प्रिय साइट है और प्रिय होने के कई कारणों में से एक कारण इसकी कहानियों में रोमांच होने के साथ साथ सस्पेंस का होना भी है…

तो दोस्तो, सस्पेंस का मज़ा लीजिये और इंतज़ार कीजिये अगले भाग का…

प्लीज मुझे मेल करें।

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