जवान पत्नी को रात भर चोदने के लिए आदमी बुलाया-1

हरियाणा के देहाती सेक्सी कपल नें फ़ोन करके अपनी चौड़ी गांड वाली,खूबसूरत, जवान पत्नी को रात भर चोदने के लिए आदमी बुलाया. उसनें पूरी रात कैसी मज़े दिए, उसका विवरण इस सेक्सी कहानी मे पढ़े.

HotSexStory.xyz के सभी पाठकोँ को राहुल दिल्ली की तरफ से लंड खड़ा कर के नमस्ते.
HotSexStory.xyz दिलचस्प साइट है. मुझे इसकी लत लग गयी है. कहानियाँ पढ़े बिना दिन ही नहीं शुरू होता.

सोचा मेरे हज़ारोँ सेक्स अनुभवो मे से आपको कुछ रोचक, सेक्सी लेकिन सच्चे अनुभव बताऊंगा ताकि आप भी बढ़िया तरह मुठी मार सकें और अपने पार्टनर को तबियत से चोद सकें.

दोस्तों, कहानियाँ, विवरण, पात्र सब कुछ सच होगा लेकिन पात्रों और जगह के नाम गोपनीयता को बनाये रखने के लिए बदल दिए गए हैँ.
दोस्तों, मेरे लंड का साइज बहुत बड़ा है और मै 3 घंटे बिना रुके चुदाई करता हूँ. इसलिए चुदाई के शौक के चलते कुछेक डेटिंग साइट पर मैंने अपना नम्बर छोड़ा हुआ है.
वहां से कपल्स और फीमेलस के कॉल आते हैँ और हर हफ्ते फोकट मे कोई ना कोई प्रोग्राम बन ही जाता है.
अभी जनवरी 2022 मे गुड़गांव के पास के एक गाँव से किसी विजय ( बदला हुआ नाम ) का फ़ोन आया. विजय नें कहा, ‘ आप राहुल जी बोल रहे हैँ,आपने ही लोकँटो की साइट पर अपना नंबर छोड़ा है?
मैंने कहा, जी हाँ.
विजय, ” जी मै मानेसर के पास किसी गाँव से फ़ोन कर रहा हूँ और मेरी तम्मन्ना और छुपी हुई ख्वाइश है कि मै अपनी पटाका पत्नी को किसी से चुदते हुए देखूँ. ”
साथियों, ऐसे फ़ोन आते ही रहते हैँ. अक्सर मर्द लोग ऐसे ही फ़ोन मिलाकर टाइम ख़राब करते हैँ और उनके पास कोई पत्नी वतनी नहीं होती है. तो मै फीमेल से बात जरूर करता हूँ ताकि शक दूर हो.
मैंने कहा, “जी भाई साब, मै राहुल ही हू और मैंने ही ऐड दी थी, और मै आपके पास आकर आपकी पत्नी को इतना चोद दूंगा कि वो हाथ जोड़ लेगी, लेकिन उसके लिए आप उनसे बात करवाइये. ”
विजय, “जी अभी लीजिये.”
विजय नें फ़ोन तुरंत अपनी पत्नी को पकड़ा दिया. एक बड़ी मीठी, सेक्सी, प्यारी आवाज़ आयी, ” जी हाँ, मै प्रिया ( बदला हुआ नाम ) बोल रही हूँ. ”
इतनी प्यारी आवाज़ थी कि मै उसमे खो सा गया कि साली यह तो एकदम टनाटन लड़की की ही आवाज़ है और मामला एकदम असली है. बोली, “कहाँ खो गए जनाब, लड़की की आवाज़ के आगे आपकी आवाज़ बंद हो जाती है क्या?”
मैंने कहा नहीं, ऐसा भी नहीं है.”
दोस्तों लेकिन सच बात तो यह है कि मैं उम्मीद नहीं कर रहा था कि ठेठ गाँव से क्या वाकई कोई कपल हो सकता है जो इस तरह से बाहर के आदमी से अपनी पत्नी को चुदवाये?
लेकिन हकीकत यह ही थी.
विजय लाइन पर आया- भाई जी आप कल 4 बजे सिटी सेंटर मेट्रो आ जाओ, यहीँ बात करते हैँ.
तो मैं अगले दिन शाम को 4 बजे पहुँच गया.

एक हीरो हौंडा वाला मुझे गौर से देख रहा था. कोई 30साल का आदमी. मैं समझ गया कि यही है. उसने पास बुलाया और हलकी फुलकी औपचरिक बातें शुरू कर दीं.

भाइयो, जनवरी का महीने का सबसे ठंडा दिन और मैं सिर्फ एक कमीज पहनकर चला गया था कि 2…3 घंटे मे वापिस अपने घर तो आना है. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
विजय नें अपनी पत्नी को फ़ोन कर दिया – सुनो, मैं भाईसाब के साथ ही हूँ और बंदा बात करने मे, बोली मे, देखने मे ठीक ठाक है. ओके है.
वो बोली, ” इनको साथ लेकर आ जाओ. ”
विजय – भाई मैडम आपको अभी बुला रही है और आपको fullnight देनी है.
मैं बहुत घबरा गया कि ना मैं अपने घर बता कर आया और ना ही लंड के बाल काट रखे और ना ही ढंग के कपड़े पहन रखे हैं. लेकिन चलो मैंने उसे बोला चलो भाई जहां चलना है चलो. वह मुझे बाइक में बिठाकर चलता रहा चलता रहा चलता रहा. पता लगा उसका गांव यहां से कम से कम भी 40 किलोमीटर दूर है. शाम को उसके घर के पास पहुंचे,दारू पी.
रात को 9:00 बजे वह मुझे अपने घर ले गया. और अंदर से उसने आवाज लगाई कि आओ अंदर आ जाओ खाना तैयार है.
दोस्तों मैंने उसकी सिर्फ अब तक आवाज ही सुनी थी उसको अब तक देखा नहीं था. मैंने सोचा जिसकी आवाज इतनी प्यारी है वह खुद कितनी प्यारी होगी. मैं लगातार उसके बारे में सोचता रहा. हम अंदर ड्राइंग रूम में बैठ गए और प्रिया खाना लेकर आ गई. मैंने प्रिया को पहली बार तब देखा.
गजब की सुंदर थी. माशा अल्लाह क्या हुस्न था उसका. गांव के हिसाब से लंबा चौड़ा शरीर, लंबे लंबे हाथ और एकदम यंग शादीशुदा चूत. नयी नवेली फुद्दी.
उसके बूब्स कम से कम 42 साइज के होंगे . उसकी लंबाई भी गजब की थी. मैंने सोचा बेटा राहुल आज तो तेरी लॉटरी लग गई. इतनी प्यारी पटाका लड़की चोदने को मिलेगी आज.
खैर हमने बड़े आराम से खाना खाया. थोड़ी बहुत हल्की फुल्की गपशप की.
इस बीच रात के 11:00 बज चुके थे.
विजय पहली बार किसी ऐसे आदमी को बुलाकर लाया था जो उसकी पत्नी को चोदनें वाला था.
गांव का माहौल था आसपास के लोग सब सुन सकते थे. सर्दी के माहौल के हिसाब से बिलकुल सन्नाटा पसरा पड़ा था. इसलिए विजय और प्रिया बहुत घबराये हुए थे.

साथ में उनको यह भी डर जरूर खाए जा रहा होगा कि एकदम अनजान आदमी को उन्होंने घर में कैसे घुसा लिया. और वह भी पूरी रात के लिए!!

मैं उनका डर समझ सकता था.

इसलिए मैंने उनको अपनी तरफ से हिम्मत बांधने के लिए बोला – विजय भाई, आपकी इज्जत मेरी इज्जत है. और मैं कपल्स के बीच में उठता बैठता रहता हूं इसलिए मुझे पता है कि कपल्स को कैसा व्यवहार पसंद है.

मेरे लिए तो यह बहुत बड़ी बात है कि आप मुझ पर इतना विश्वास करके मुझे अपने घर में बुलाकर अपनी पत्नी को चोदने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं . मेरे लिए इससे गर्व की और क्या बात होगी?

मेरी बात सुनकर उनको काफी तसल्ली मिली और वह थोड़ा निश्चिंत होकर बैठ गए.

मैंने फिर तसल्ली दी-“चिंता मत करो तुम्हारी इज्जत मेरी इज्जत है. मैं ऐसा कुछ भी काम नहीं करूंगा जिससे शोर-शराबा हो. शान्ति से, आराम से अपना काम सुबह चलता बनूंगा.”
विजय अपनी 24 साल की सेक्सी बहू को, जान से प्यारी अमानत को मेरे सुपुर्द कर के एक तरफ मुंह करके सो गया. प्रिया मेरे साथ रजाई मे घुसी पड़ी थी. मैंने उसको तसल्ली दी कि मुझे बिल्कुल अपना समझकर,सब कुछ बताना.

जो भी चाहो,वैसे स्टाइल में करेंगे,घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. वह बोली-” मैं तो घबरा रही हूं क्योंकि मैं पहली बार ऐसा कर रही हूं.”
खैर दोस्तों पहली बार में घबराना स्वाभाविक है.
मैंने धीरे-धीरे अपने कपड़े उतारे और हम दोनों एक दूसरे के साथ चिपक गए. अब तक मैंने प्रिया के कपड़े नहीं रहे उतारे थे.
प्रिया को मैंने अपने सीने से लिपटा लिया. उसके मोटे-मोटे दो बूब्स मेरे सीने में मोटे मोटे तकिए की तरह मजा दे रहे थे.
मैंने प्रिया की होंठ अपने होंठ में फँसा लिए. शहद से भी मीठे लिप्स को इतना चूसा, इतना चूसा कि लगा उनमे से खून ना निकल आया हो.
पिया भी न जाने कितने जन्म जन्म की भूखी थी. बिल्कुल साफ लग रहा था कि उसका पति उसको चोदने में असमर्थ है. चोद तो रहा है लेकिन नालायक उसकी भूख और प्यास नहीं मिटा पा रहा है.

हमारे कमरे मे घुप्प अंधेरा था. चुदाई की आह उह जैसी आवाज़ बाहर ना जाये इसलिए TV हलके वॉल्यूम पर चल रहा था.

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

प्रिया के साथ लिपटे लिपटे मैंने एक एक करके उसके सारे कपड़े उतार दिए. अब वो मादरजात बिल्कुल नंगी होकर मेरे शरीर से किसी छिपकली की तरह चिपकी पड़ी थी.

हम दोनों के शरीर भयंकर तरीके से तप रहे थे कि हमने जनवरी की कड़क ठण्ड मे भी अपनी रजाई फ़ेंक दी.

TV की हलकी हलकी रोशनी मे अब मैंने ध्यान से उस सेक्स की मूर्ति को देखा.

इतनी खूबसूरत लड़की मैंने बहुत कम ही देखी थी. खूबसूरत लम्बा शरीर, लम्बे लम्बे बाल जो उसकी चौड़ी गोल गोल गांड तक पहुँच रहे थे.

उसके रस भरे होंठ सर्दी की रात मे सेक्स की गर्मी की वजह से ज़लते हुए प्रतीत हो रहे थे. इतने बड़े बूब्स मैंने किसी के नहीं देखे थे. उसकी गांड तो इतनी मस्त और इतनी चौड़ी थी कि दिल मे आया कि अपना 9 इंच लम्बा मोटा लंड गांड में घुसा दूं. केले के तने जैसी लंबी लंबी टांगे. लगता था जैसे सेक्स की मूर्ति को चोदनें जा रहा हूँ. अपनी किस्मत पर मुझे खुद ही जलन होने लगी.

दोस्तों मुझे लिप टू लिप किस करने का बहुत शौक है. आप यकीन करना,मैंने उसके होंठ रात को 11:00 बजे अपने कब्ज़े में लिए थे और सुबह 6:00 बजे तक उसके होठ मैंने छोड़े नहीं थे.
उसके मोटे मोटे बूब्स मैंने खूब पिए. उनके निप्पल को खूब निचौड़ा.

तक मैं पूरा नंगा नहीं हुआ था. मैं अभी भी अपना अंडरवियर पहने हुए था.
प्रिया ने रजाई में से हाथ डालकर मेरा अंडरवियर निकाल दिया.
मेरा फन फ़नाता हुआ,गरमा गर्म लोहे ही रॉड की तरह सख्त, टाइट लंड अपने हाथ में पकड़ लिया. बोली वाह आज तो लगता बहुत मजा आने वाला है. मेरी ऐसे ही मोटे लंड की ख्वाहिश थी जो आज पूरी होने जा रही है.
हम दोनों के होंठ अभी भी एक दूसरे में उलझे पड़े थे ना वह छोड़ने का नाम ले रही थी और ना ही मैं छोड़ने का नाम ले रहा था.

होंठ में होंठ डाले हुए मैं उसके पूरे शरीर का साइज ले रहा था. उसके बूब्स सहला रहा था. पीछे से उसकी चौड़ी गांड का साइज माप रहा था. गांड तो कसम से इतनी चौड़ी थी कि बस कमाल की थी.
मैं धीरे-धीरे उसकी गांड की खाई को सहला रहा था. धीरे-धीरे प्रिया बहुत उत्तेजित हो गई. बोली -” आज की पूरी रात अपनी है बहुत आराम से करना जल्दबाजी मत करना.”
मुझे तो ऐसी ही लड़कियां चाहिए होती है जो जल्दबाजी ना करें क्योंकि मैं खुद भी 3 घंटे से पहले रिचार्ज नहीं होता हूं.
प्रिया की होंठ इतने रसीले थे कि शहद भी उसके आगे फीका लगेगा.
होठों मे होंठ फंसे हुए प्रिया मेरे ऊपर आ गई और उसके दो बड़े बड़े बूब मेरी छाती पर आकर गिर पड़े. इतने बड़े बड़े बूब्स!!

मैं समझ नहीं पा रहा था कि मैं क्या करूं? कम से कम दो 2 2 किलो के बूब्स होंगे.
मैंने उन बूब्स का साइज लिया औ उनको चूसता चला गया.
प्रिया हद से ज्यादा उत्तेजित हो चुकी थी.

वो मेरे ऊपर किसी कटी हुई ड़ाल की तरह पड़ी हुई थी.
अपने दोनों हाथों से मैं उसकी गांड भी फैला रहा था.
मैं सोच रहा था कि काश इसकी गांड मारने को मिल जाये तो कितना मजा आए.
मैंने उसकी गांड की तारीफ करनी शुरू की. लड़कियां बहुत तेज होती हैं. समझ गई कि मैं गांड की तारीफ पर करके उसकी गांड मारना चाह रहा हूं.
प्रिया ने कहा कि गांड नहीं दूंगी चाहे कुछ भी कर लो. मैं गांड कभी नहीं मरवाती. गांड से भी प्यारी चीज मेरी चूत है. अगर तुम्हारे में हिम्मत हो तो चूत की चटनी बनाओ.
मैंने बोला -” हिम्मत है तभी तो यहां पर आया हूं मैं.
प्रिय मेरे ऊपर लेटी हुई थी. उसके होंठ अभी भी मेरे होंठो मे थे और उसकी जीभ मेरे मुँह मे मेरी जीभ से लड़ाई कर रही थी.
मैं साफ साफ महसूस कर रहा था कि चूत में से पानी बहकर मेरे लंड के आसपास आ रहा था.
प्रिया ने मेरे कान में कुछ बोला. बोली मेरी चूत में डाल भी दो. चूत की गर्मी बर्दाश्त नहीं हो रही है.
उसने ऊपर लेटे लेटे ही मेरा 9 इंच लंबा हथियार अपनी चूत में लेने की कोशिश की. यूँ तो वो शादीशुदा थी लेकिन ज्यादा चुदी नहीं लग रही थी क्योंकि टाइट छेद मे लंड घुस नहीं पा रहा था. इधर उधर फ़िसल रहा था.

प्रिया की बेताबी देखने लायक थी. बोली – इसको दिखाने के लिए लाये थे क्या,? इसको घुसाते क्यों नहीं?
मैंने उसकी पतली कमर पकड़कर उसको थोड़ा ऊँचा किया और एक हाथ से उसका गीला छेद ढूंढकर उसी हाथ से अपना लंड पकड़कर घुसा दिया. चूत आधा लौड़ा निगल गयी. आधा अभी भी बाहर था.

आगे की कहानी अगले भाग में पढ़े.

HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!

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