जवानी के जलवे रात में बिखेरे

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Jawani Ke Jalwe Raat Me Bikhere

जवानी के जलवे रात में बिखेरे – Jawani Ke Jalwe Raat Me Bikhere , रात में चूत चुदाई , रात के अँधेरे में गांड मरवाई , फायदा उठाकर लंड चूसा चूत चटवाई , जवान लड़के लड़की का सेक्स.

मेरी 12 वीं कक्षा के इम्तिहान चालू होने वाले थे और मैं पढ़ाई में थोड़ी कमज़ोर थी। मैं किसी प्रकार 80/90 प्रतिशत नम्बरों से पास होना चाहती थी.. क्योंकि मुझे MBBS के लिए उतने मार्क्स चाहिए थे। तो हमारी क्लास में सोनू ही सबसे अच्छा होशियार लड़का था।

एक दिन इरफान क्लास में एक लिफाफा लाया और मुझे दे कर चला गया मैंने खोल कर देखा तो उसमें मेरी नंगी तस्वीरें थीं.. जो सोनू ने पिछली बार चुदाई के दौरान जंगल में खींची थीं। उसमें एक चिठ्ठी भी थी.. जिसमें लिखा था- सोफिया मेरी जान.. आज रात मेरे घर में कोई नहीं है। घर के लोग शादी में गये हैं। आज रात मेरे साथ चुदाई के लिए आ जाना और अगर नहीं आईं तो सारी तस्वीरें स्कूल में बाँट दूँगा… तेरा मनपसंद लौड़ा सोनू।

मैं अब सोचने लगी कि घर के लोगों को क्या बता कर जाऊँगी?
तभी क्लास छूट गई।
मैं अभी भी सोच ही रही थी कि इरफान मेरे पास आकर बोला- मैं अब्बू को बता दूँगा कि सोफिया अपनी दोस्त पूनम के साथ सोने जा रही है.. उसके घर कोई नहीं है इसलिए..

तो मेरी टेन्शन खत्म हुई और थोड़ी देर बाद जब क्लास में कोई नहीं था.. मुझे सोनू अपनी बाईक पर उसके साथ घर पर ले आया।
उसका घर काफी बड़ा था, बाहर गेट पर एक चौकीदार था उसने गेट खोला। घर के बाहर बगीचा और स्वीमिंग पूल भी था, हम अन्दर आ गए सोनू ने चौकीदार को बुलाया और पैसे दिए और उसे कुछ चीजें लाने के लिए भेज दिया।

हम बड़े हॉल में आकर बैठ गए।
फ़िर सोनू मुझे उपनी बहन सीमा के कमरे में लाया.. सीमा के कपड़े अलमारी से निकाल कर मुझे पहनने के लिए दिए।
उसमें लाल रंग की शॅार्ट नाईट ड्रेस थी.. मैंने वह पहन ली।

उतने में चौकीदार आया और कुछ सामान देकर चला गया।
अब सोनू मुझे अपने कमरे में लाया। उसने डीवीडी चालू किया और जब टीवी चालू हुआ तो मैं देखती ही रह गई.. यह एक ब्लू फिल्म थी, मैंने पहली बार देखी थी।
मेरी लाल नाईट ड्रेस सोनू घूर-घूर कर देख रहा था, उस ड्रेस में मेरे चूचे और काली पैंटी दिखाई दे रही थी। मेरी आधी के अधिक नंगी टाँगें भी जलवा बिखेर रही थीं।

अब सोनू नंगा हो गया, उसने अपने लंड को एक डिब्बे में डुबाया.. फिर लंड मेरे मुँह में डाल दिया।
मुझे मक्खन जैसा स्वाद लग रहा था।
सोनू बार-बार लंड को डब्बे में डुबाकर मेरे मुँह में डालते जा रहा था।
उसे करते-करते उसने लंड को मेरे गले तक उतार दिया, मैं ठीक से सांस भी नहीं ले पा रही थी।

अब सोनू मेरी दोनों टांगों के बीच में मुँह मार रहा था, उसने मेरी पैंटी उतार कर फेंक दी, वो मेरी चूत के बाल चाट रहा था, उसने फ्रिज से एक बोतल निकाली.. बोतल का ठंडा पानी मेरी चूत पर डालकर पीने लगा
दरअसल वह बीयर थी, वो बीयर को चूत पर डाल कर पीता जाता और कहते जाता- सोफिया इसमें तू अपना पानी मिलाकर पिला।

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मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ।
वह मुझे मूतने के लिए कह रहा था.. तो मैंने मूत दिया और सोनू बीयर को मेरे मूत के साथ पीने लगा था।

कुछ देर बाद सोनू ने मुझे पूरी नंगी कर दिया और मुझे उलटा लिटा दिया।
वह मेरी गांड में बीयर डालने लगा था.. मेरे बड़े बड़े कूल्हों को दबा-दबा कर लाल करने लगा।

इसके बाद सोनू तेल की शीशी ले आया और पूरा तेल मेरे शरीर पर डाल दिया और उसने लंड पर भी तेल लगा लिया।
सोनू को नशा चढ़ गया था, उसका मोटा लंड मेरी गाण्ड को देखकर खड़ा हो गया था।
सोनू मेरी गाण्ड पर चढ़ गया और उंगली डाल कर छेद को बड़ा करने लगा, उसने दो उंगलियाँ मेरी गाण्ड में डाल दी थीं।
उसका लंड 7 इंच लंबा और 2 इंच मोटा था।

अब सोनू उठा और मेरी गाण्ड में डालने के लिए और मक्खन लाया। उसने मेरी गाण्ड में उंगली डाल-डाल कर मक्खन भर दिया था। अब लंड को तो अन्दर आराम से चला ही जाना था।
सोनू अपने लंड को मेरी गाण्ड में डालने लगा, अभी आधा ही गया था कि मुझे तकलीफ होने लगी ‘उफपफफफ.. हाय अल्लालह.. अम्मीजान.. मैं क्या करूँ.. ओह्ह..’

पर सोनू ने मेरी एक ना सुनी वो अपना लंबा मोटा लंड मेरी गाण्ड में घुसाते ही जा रहा था, मैं लंबी सांस ले रही थी।

उसका पूरा लंड मेरी गाण्ड में चला गया था।
अब मुझे भी मजा आने लगा था और मैं सोनू की सहायता करने लगी थी। मैं अपनी गाण्ड को ऊपर-नीचे करने लगी थी।
सोनू मेरी गाण्ड पर जोर-जोर से कूदने लगा था।
सोनू ने मुझे अब घोड़ी बना दिया और जोरदार ठुकाई करने लगा। आगे से मेरी चूत पानी छोड़ रही थी और सोनू सिर्फ गाण्ड मार रहा था।

सोनू अब खड़ा हो गया और मुझे ऊपर उठा कर गोद में ले लिया और लंड को मेरी चूत में फंसा दिया, मेरी चूत गीली होने के कारण मुझे तकलीफ नहीं हुई, मेरी दोनों टाँगें हाथों में उठाकर वो मुझे जोरदार तरीके से चोदने लगा।
उसके बाद मुझे एक टेबल पर बिठा दिया और सोनू खड़े-खड़े मुझे चोदने लगा।

अब सोनू झड़ने वाला था, उसने लंड को मक्खन में डाला और मेरे मुँह में लंड को ठूँस दिया, उसका सारा पानी मैं मक्खन समझ कर पी गई थी।
इस तरह मैं सोनू से और एक बार चुदी थी।
मेरी कहानी कैसी लगी दोस्तो, मुझे जरूर बताना।
आपकी प्यारी सोफिया

HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!

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