खुले आसमान के नीचे चूत चुदाई

Khule aasmaan ke neeche chut chudai

सभी दोस्तो को मेरा प्यार भरा नमस्कार और कामिनी जी को प्रणाम!! !!!

मित्रो, मेरा नाम राज है और मैं 25 साल का हूँ… फिलहाल मैं इंदौर में रहता हूँ।

यह कहानी उस वक्त की है, जब मैं नया नया इंदौर में आया था और सब कुछ ही एक नया अनुभव था… देहात में रहने के कारण, वहाँ कई लड़कियाँ मेरी दोस्त तो थीं पर किस से आगे बात नहीं बनती थी!!

खैर, इंदौर आने के बाद मेरे कई दोस्त बने और नयी दोस्ती की खुशी में हम सबने पार्टी का प्लान बनाया… …

मेरा एक दोस्त जो फार्म हाउस का मालिक था; सारे इंतजाम उसने कर दिए।

फार्म हाउस की देख रेख वहीं पास के गाँव में रहने वाले एक काका किया करते थे। उनकी एक बेटी थी जो उम्र में लगभग हमसे 2-3 साल छोटी रही होगी…

पार्टी के इंतजाम में अपने पापा का हाथ बटाने या यूँ कहें कि हम पर लाइन मारने; वो भी फार्म हाउस आ गई थी। सारे इंतजाम होने के बाद वो दोनों जाने लगे। मेरे दोस्त ने उन्हें कुछ पैसे दिए और विदा किया।

अब सारे दोस्त फार्म हाउस के अंदर बैठकर ब्लू फिल्म देख रहे थे और साथ ही साथ व्हिस्की के सिप ले ले कर अपने अपने लण्ड सहला रहे थे…

जब मुझे थोड़ी ज्यादा हो गई तो मैं खेत घूमने निकल गया।

सच, हरियाली का मजा तो खेतों में ही आता है… घूमते-घूमते मैं एक कुएं के पास बने पम्प हाउस की छत पर बैठ गया और अपनी होने वाली गर्लफ्रेंड के बारे में सोचने लगा!!

अचानक, मैंने देखा की फार्महाउस की खिड़कियों से कोई झाँक रहा है। दोस्तो को सचेत करने के लिए मैं नजदीक गया तो देखा की ये तो वही है, जो काका के साथ आई थी…

उसे पता चले बिना थोड़ी देर तक मैंने दूर से ही उसके फिगर और गहराईयों को नापा, फिर कुछ हिम्मत करके उसके पास गया।

अचानक मुझे देख कर वो सहम गई, फिर मैंने पुछा – तुम्हे, ये सब अच्छा लगता है…??

उसने सर हिला कर हरी झंडी दिखा दी!!

फिर क्या था, मैंने धीरे से उसके कान में कहा – चलो, तुम्हे “जन्नत” की सैर करा दूँ!! और वो पीछे पीछे चलने लगी।

उसने बताया कि वो पास के ही गाँव में रहती है पर पढ़ने शहर जाती है, अब तक उसका कोई बायफ्रेंड नहीं है…

पंप हाउस पहुंच कर मैंने चारों और देखा। मेरी हालत देखकर; वो बोली – बापू ने सारा इंतजाम किया है; आपकी पार्टी डिस्टर्ब ना हो इसलिए इधर कोई नहीं आएगा!!

हम अकेले थे, पर दोनों एक जैसे अनछुए…

मैंने कई ब्लू-फिल्म देखी हैं पर ये अलग अनुभव था!!! !!

शुद्ध देसी सौंदर्य… गठीला बदन… सख्त उभार… दहकती साँसें, और उनसे भी तेज धड़कता हुआ दिल!!! !!

मैंने पूछा – तुम्हार नाम क्या है… ??

उसने कहा – लता…

मैं – पहले कभी किया है… ??

वो – नहीं…

फिर मैंने मोबाइल पर उसे एक हिंदी ब्लू फिल्म दिखाई, वो शायद पहले से गर्म थी। वो बोली – ये तो हम रोज देखते है, अपनी सहेली के मोबाईल पर…

मैंने कहा – फिर… ??

वो बोली – फिर क्या… ?? और उसने सीधे मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए…

अब हमने आस पास देखा और फिर लंबी घास वाली जगह देखी और वहाँ चल दिए…

जाते ही मैं लेट गया और उसे भी अपने बराबर में लिटा दिया, वो साधारण सलवार-कमीज पहने हुए थी…

मैंने उसकी कमीज में हाथ घुसा दिया और धीरे धीरे उसके पेट से हाथ ऊपर की ओर ले गया और उसके स्तन सहलाने लगा और वो आँखें बंद करके मज़ा लेती रही…

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अब मैं उसके बूब्स दबा रहा था और वो सिसकारियाँ भर रही थी…

मेरा लण्ड अब तक पूरे जोश में आ चूका था और मेरी पैंट तम्बू बन चुकी थी अचानक वो उठी और बोली – अभी आई!!

मैंने पुछा – कहाँ चलीं… ??

शायद वो स्खलित हो चुकी थी इसलिए शर्माकर कुछ दूर जा कर सलवार उतार कर बैठ गई; वो पैंटी नहीं पहनी थी…

मैं समझ गया और मैंने भी अंडरवियर छोड़कर अपने सारे कपडे उतार दिए!!

जब वो वापस आई, तो मैंने कहा – सब ठीक है…??

वो बोली – हां!!

फिर मैंने उसकी कमीज़ उतार दी और उसके अनछुए स्तनों का मधुर रसपान किया!!! वो आ… ऊह आह… ऊह ओह्ह्ह… की आवाज़ें निकाल रही थी और मुझे उसका नशा चढ रहा था… …

अब उसने हिम्मत करके मेरे लण्ड को छुआ!! लण्ड ने अपनी पूरी अकड़ के साथ उसे सलामी दी!!!

उसने कहा – क्या मैं इसे चख सकती हूँ…??

मैंने कहा – तुम्हारा ही है… और उसने तुरंत मेरी अंडरवियर उतर दी और लण्ड चूसने लगी… इधर मैं चूत का रस-स्वादन कर रहा था!!

कुछ देर बाद मैं उसके मुँह में ही झड गया और अब हम दोनों निर्वस्त्र खुले आसमान के नीचे थे!!

अब उसकी बारी थी, वो मेरे ऊपर आई और मेरे सारे बदन को चूमने लगी… मेरे लण्ड ने फिर सलामी दी!!

वो किस पर किस किए जा रही थी। फिर, मैंने उसे नीचे किया और चूत में लण्ड लगाया और थोडा धक्का दिया…

आह मैं मर गई – कह कर वो चीखी!! मैं डर गया… फिर उसके थोडा संयत होने के बाद में धीरे धीरे उसमे समाने लगा!!

शायद वो भी पूरे जोश में आ चुकी थी तो मैंने स्पीड बढ़ा दी और वो भी गाण्ड उचका उचका कर मेरा लण्ड ले रही थी

फिर 10 मिनट बाद मैंने कहा – मैं आ रहा हूँ!! तो वो बोली – अंदर मत छोडना!!

मैं बाहर खाली हो गया और इसके बाद हम कई बार मिले कभी इंदौर में और कभी उसके गाँव में… … …

आपका राज…

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