कोमल की कोमल कोमल चूत

Komal ki komal komal chut

मेरा नाम रोहित है और मैं नॉएडा में रहता हूँ और वहीं के एक कॉल सेण्टर में काम करता हूँ।

मेरी हाइट ६ फीट, रंग गोरा और बॉडी स्लिम और फिट है।

ये मेरी एम एस एस पर पहली कहानी है… हालांकि अनुभव तो बहुत हैं बताने को, लेकिन इनमें से एक जो मैं अकसर याद करता हूँ वो मैं आपके साथ शेयर कर रहा हूँ।

बात उस टाइम कि है, जब मैं कॉल सेण्टर में इंटरव्यू देने गया था।

पहला राउंड इंटरव्यू हो चुका था, तो जितने भी इंटरव्यू देने वाले थे वो कैंटीन चले गये। लेकिन एक लड़की जो थोड़ी सी परेशान दिख रही थी, वो वहां से नहीं गई।

मैं भी सुबह ब्रेकफास्ट करके आया था तो मुझे भी नहीं जाना था इसलिए मैं भी वहीं बैठा रह गया और उस लड़की को देखने लगा।

कसम से क्या लड़की थी, यार!! लाल कलर की बिना बाजुओं की टाइट टॉप और नीली टाइट जींस। उफ़!! क्या कयामत ढा रही थी, वो… फिगर होगा कोई ३२-२६-३४ का। उसके चुचे लाल टॉप के ऊपर से सेब जैसे लग रहे थे!! !!!

मैं आपको बता दूँ कि मैं सिर्फ वहाँ फॉर्मेलिटी के लिए गया था, मेरा आलरेडी लिंक था उस कंपनी में, इसलिए कोई चिंता नहीं थी कि सेलेक्ट होऊंगा या नहीं।

थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि वो किसी से फ़ोन पर बात कर रही है और कुछ ज़्यादा ही परेशान हो रही है। मैं समझ गया कि शायद उसका फर्स्ट राउंड इंटरव्यू अच्छा नहीं हुआ।

फिर वो थोड़ी देर बाद जब फ्री हुई तो मैंने उससे पूछा कि क्या बात है, तो उसने वोही बताया, जिसका मुझे शक था…

मैंने अपने दोस्त के भैया (सचिन) जिन्होंने मेरा सिलेक्शन कराया था, उनसे पूछा कि इसका भी कुछ हो सकता है क्या?

उन्होंने तुरंत हाँ बोल दिया, क्यूंकी उन लोगों को इंसेंटिव मिलता है, ज्वाइन कराने पर।

फिर जब मैंने उसे बताया कि तुम्हारा काम हो गया तो वो यकीन ही नहीं कर रही थी। पर जब मैंने बार बार कहा तो वो मान गई।

थोड़ी देर बाद सचिन भैया आये और हम दोनों की जो भी फॉर्मेलिटी थी, उसे पूरा करने लगे। तब तक उनके बॉस का कॉल आया तो भैया हम दोनों को फॉर्म फिल करने को बोल कर चले गये।

लेकिन एक घंटा बीत गया पर वो नहीं आये, हमारा काम खत्म हो चुका था। फिर हम दोनों बातें करने लगे। उसने अपना नाम कोमल बताया और बताया कि वो अपने होमटाउन से पिछले दिन ही आई थी, जॉब करने नॉएडा में।

वो अपनी फ्रेंड महिमा के साथ गुडगाँव में रहती है, जो कि पहले से ही किसी कॉल सेण्टर में काम कर रही थी।

बातों के बीच में कई बार मेरी नज़र उसके बूब्स पर गई, वो भी देख रही थी, ये सब। लेकिन जब उसने कुछ कहा नहीं, तो मैं भी देखता रहा।

बातों बातों में ही हम एक दूसरे के बहुत करीब आ गये थे। मेरे हाथ से कई बार उसके बूब्स टच हो रहे थे, लेकिन उसने कुछ नहीं बोला।

थोड़ी देर बाद उसने बोला – भैया से पूछो कितना टाइम और लगेगा? उसे गुडगाँव जाना था।।

तब तक उनका खुद ही कॉल आ गया तो वो बोले – तुम लोग जाकर कुछ नाश्ता वगेरह कर लो। मुझे थोडा टाइम लगेगा।

मैं मन ही मन खुश हुआ कि कम से कम थोडा और टाइम मिला, उसके साथ रहने का। फिर हमने नाश्ता किया।

पाँच बजे भैया आये और फिर बाकी फॉर्मेलिटी करते करते लगभग छे बज गए।

फिर भैया ने बोला – अब तुम लोग जाओ, कल सुबह नौ बजे से शाम को पाँच बजे तक तुम्हारी शिफ्ट है, टाइम पर आ जाना।

मैंने उससे पूछा कि तुम कैसे जाओगी, अब? तो उसने अपनी फ्रेंड को कॉल किया और पूछा कि मैं कैसे आऊं?

उसने कहा कि मेरी कंपनी की कैब बारह बजे आएगी, तब मेरे साथ ही चलना। तब तक वहीं कंपनी में ही रुकी रह।

हम लोग वहीं गेट के पास ही रुके थे कि गार्ड ने कहा, जाने को।

अब हम दोनों ही बाहर चले गये। तो उसने बोला – तुम जाओ, मैं यहीं पर इंतजार करूंगी, महिमा का।

मैंने बोला – अभी सात बज रहे हैं, पाँच घंटे बचे हैं, क्या करोगी इतने देर यहाँ पर अकेले?

उसने बोला – कुछ नहीं, बस बैठी रहूंगी।

मैंने बोला – ऐसे तुम्हारा इतनी रात तक बाहर रहना ठीक नहीं है, मेरे साथ मेरे रूम पर चलो। जब तुम्हारी फ्रेंड आ जाएगी, तो चली जाना… मेरा रूम बस यहीं पास में ही है।

कुछ देर सोच कर उसने हाँ कर दी!!

हम रूम पर गये तो मैंने चेंज किया और चाय बनाने लगा, वो बैठ कर टीवी देख रही थी।

फिर मैं चाय लेकर पास गया और बैठ कर टीवी देखने लगा और हम चाय पीने लगे।

टीवी तो मैं बस उसे दिखाने के लिए ही देख रहा था, मेरी नज़र तो कहीं और ही थी। अचानक उसने बोला – क्या देख रहे हो? और मेरी तरफ देख कर मुस्कराने लगी।

मेरी हिम्मत थोड़ी सी बढ़ी, तो मैंने उसके जाँघ पर हाथ रख दिया और सहलाने लगा। वो शायद नशे में मेरे लण्ड को देखे जा रही थी…

मैंने बिना मौका गवाए, उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। वो भी पूरा साथ देने लगी!! !!!

वो भूखी शेरनी की तरह मेरे होंठ काटने लगी।

अब मैंने उसके चुचों को टॉप के ऊपर से ही दबाना शुरू किया तो वो अजीब अजीब सी आवाज़ें निकालने लगी – आ आ आ आ आ आ… उम्म… उम्म्म्ममममम… उफ़… न न नहीं… उम्म्म्ममम… आ आ… ऐसे ऐसे… ऐसे ही…

फिर मैंने उसका टॉप उतार दिया।

उसने लाल रंग की ब्रा पहन रखी थी, मैं ब्रा के ऊपर से बूब्स को दांतों से काटने लगा तो वो चिल्लाने लगी।

फिर मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी और निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा…

यह कहानी आप HotSexStory.xyz में पढ़ रहें हैं।

अब वो एक दम मस्त होने लगी। फिर मैं उसकी जींस के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा।

ऊपर से ही लग रहा था कि उसकी चूत गीली हो गई है!! !!!

मैंने उसके जींस की बटन खोल दी और जीप नीचे करके पैंटी के ऊपर से ही चूत को छुआ तो उसकी पूरी पैंटी गीली हो रही थी।

उसने बोला – अपने कपडे उतारो…

तो मैंने बोला – तुम खुद उतार दो…

उसने एक ही झटके में टी शर्ट और बनियान दोनों उतार दी।

अब उसकी नज़र मेरे पेंट की तरफ गई, लण्ड पूरा टेंट की तरह खड़ा था, अन्दर। उसने मेरे लोअर में हाथ डाल दिया और लण्ड के साथ खेलने लगी। थोड़ी देर बाद बोली – मुझे लोलीपोप चाहिए…

मैं सोच में पड़ गया, फिर ध्यान आया कि उसे मेरा लण्ड चाहिए था!!

मैंने कहा – तो इंतजार किसका कर रही हो? तुम्हारा ही है, ले लो…

उसने मेरे लोअर को नीचे खींच दिया और अंडरवियर के साइड से ही लण्ड को निकाल कर लोलीपोप की तरह चूसने लगी।

जब मैंने उसे बोला की मैं झड़ने वाला हूँ तो उसने बोला – सब मेरे मुँह में दे दो, मुझे चखना है!! !!!

और मैंने सारा माल उसके मुँह में दे दिया। फिर मैंने उसे सोफे से उठाया और बेड पर ले जाकर लिटा दिया और उसकी जींस और पैंटी एक ही साथ उतार दिया।

उसकी बिना बालों वाली गुलाबी चूत देखते ही मेरे मुँह में पानी आ गया और मेरा लण्ड फिर से अपनी पोजीशन पर आ गया…

फिर मैंने उसकी चूत की चुदाई जीभ से स्टार्ट कर दी। वो एकदम गरम आहें भरने लगी!!

लगभग १० मिनट तक मैं उसकी चूत चाटता रहा, फिर वो मुझे ऊपर खींचने लगी और कहने लगी – अब मत तडपाओ, मुझे जल्दी से चोद दो प्लीज़… फाड़ दो इस साली चूत को!! !!!

मैंने अपने लण्ड पर जरा सा वैसलीन लगाया, उसकी चूत कुछ ज्यादा ही टाइट थी…

फिर उसकी चूत पर रगड़ने लगा। तो वो और जोर से आहें भरने लगी… और फिर रगड़ते रगड़ते मैंने झटका मारा और वो चिल्ला पड़ी, और रोने लगी!!

एक ही झटके में लण्ड पूरा अन्दर चला गया था। फिर मैं उसके होंठ चूसने लगा और बूब्स को दबाने लगा।

थोड़ी देर बाद, उसे जब थोडा आराम हुआ तो मैंने एक झटका और दिया तो लण्ड पूरा घुस गया और वो एक बार फिर से चिल्लाई!!

लेकिनं इस बार मैं नहीं रुका, मैंने अपनी स्पीड चालू रखी…

थोड़ी देर में वो भी साथ देने लगी और कमर उचकाने लगी। लगभग १५ मिनट उसे चोद्ने के बाद, मैं वहीं लेट गया और उसे बाँहों में लिए सो गया।

११ बजे मेरी नींद फिर से खुली, जब उसका फ़ोन बजा तो। मैंने देखा महिमा का कॉल था, मैंने उसे जगाया।

महिमा ने ये पूछने के लिए कॉल किया था कि वो ठीक तो है। उसने बोला – मैं ठीक हूँ और तुम्हारा वेट कर रही हूँ…

उसके बाद हमने फिर एक बार चुदाई की, इस बार हमने कई आसन आजमाए।

लगभग १ बजे उसकी दोस्त आई, तो वो चली गई।

आपको ये स्टोरी कैसी लगी

अगर आपको हमारी साइट पसंद आई तो अपने मित्रो के साथ भी साझा करें, और पढ़ते रहे प्रीमियम कहानियाँ सिर्फ HotSexStory.xyz में।

Leave a Reply

Your email address will not be published.