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सेक्स स्टोरी मेरी ग्रुप चुदाई की

ये सेक्स स्टोरी सुरभि की है जो की पहले कभी किसी के साथ सेक्स नही की थी और एक ही बार सुरभि की पहली चुदाई गैंग बैंग में नंगी होकर 5 लड़कों से हुई जिसमे वो खुलकर चुदी,आइये आगे की कहानी हम सुरभि की जुबानी ही सुनते है. मेरी पहली हार्डकोर गैंग बैंग चुदाई की कहानी,सेक्स स्टोरी , सेक्स कहानियाँ, सामूहिक चुदाई, ग्रुप सेक्स…  मैं सुरभी आपको अपनी कहानी सुना रही हूँ। hot sex kahani

अभी मैं केवल 23 साल की हूँ पर मेरे मम्मे 34 साइज के है, कमर पतली 30 की है और हिप्स 32 के है। मैं देखने में बिलकुल कयामत लगती हूँ। मैं जिधर से भी निकलती हूँ जवान तो जवान बुड्ढों के भी लण्ड अग्नि मिसाइल की तरह खड़े हो जाते है। हर आदमी बस मुझसे एक बार कसके चोद लेना चाहता है।हाँ तो दोस्तों ,इसकी सुरुवात ऐसै होती है।

मैं जब 17 साल की कली हुई तो मेरी सहेलियां अपने आशिक़ो से खूब चुदवाती थी। और अपनी दास्तान मुझे सुनाती थी। मैं शर्मा जाती थी और दिखावा करती थी की मैं उनकी कोई बात नही सुन रही हूँ और ना ही मुझसे मजा आ रहा है। आप ये सेक्सी अन्तर्वासना चुदाई कहानी और सेक्स स्टोरी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं… जबकि हकीकत ये थी की मैं कान लगाकर उनकी बात सुनती थी। मेरा भी मन करता था कि काश मेरा भी कोई आशिक़ होता और मुझे सलवार फाड़ के मेरी चूत फाड़ के रख देता। sex photo story

असल में मैं एक अच्छे परिवार से बेलोंग करती थी। मेरे पप्पा डॉक्टर थे और मम्मी इनकम टैक्स ऑफिसर थी। मैं कभी बसों, या टेम्पो में नही चलती थी। हमेशा एक ड्राइवर मुझसे कहीं में ले जाता था। इसलिये मुझसे कभी किसी लड़के से बात करने का मौका नही मिला। पर धीरे धीरे मैं जैसे जैसे 17, 18, 19 साल पार करती गयी, मैं कली से खिला हुआ फूल बनने लगी। आप ये सेक्सी अन्तर्वासना चुदाई कहानी और सेक्स स्टोरी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं…

मैं दिन पर दिन जैसे ही रात होती मैं इंटेरनेट अपने लैपटॉप पर खोल लेती और ब्लू फिल्म देखने लगती। उस समय फेसबुक नही सुरु हुआ था। हाँ ऑरकुट शूरु हो गया था। पर दोस्तों, मैं रात में सिर्फ लंबे लंबे मोटे मोटे लण्ड के बारे में ही सोचती रहती और ब्लू फिल्म सारि सारी रात देखती। जब मेरी मम्मी चेक करने आती तो मैं जल्दी से किताब उठा लेती।

मेरी मम्मी समझती की लड़की बड़ी पढ़ाकू है और रात के 11-12 बजे भी पढ़ रही है। पर मम्मी नही जानती थी की उनकी लड़की अब जवान हो गयी है। वो लंबे लंबे रास से भरे लण्ड के बारे में जान गई है। उनकी बेटी चूत चुदाई के बारे में सब जान गई है। मर्सी! मुझसे भी चुदना है! अपने दोस्त से मुझसे चुदवा दो। मैं तुमको पिज़्ज़ा खिलाऊंगी मैं अपनी दोस्त मर्सी से कहा। हम साथ में ग्रेजुएशन कर रहे थे। आप ये सेक्सी अन्तर्वासना चुदाई कहानी और सेक्स स्टोरी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं…  ठीक है मैं अपने बॉयफ्रेंड लियो से बात करुँगी मर्सी बोली मैं बेसब्री से चूदने का इंतजार करने लगी। शानिवार रात को मर्सी के बॉयफ्रेंड ने अपने फार्महाउस में पार्टी दी।

पार्टी में बेयर, व्हिस्की, रम, ग्रिल्ड चिकन, और बर्बेक़यु था। मर्सी के कहे अनुसार मैं शॉर्ट स्कर्ट में गयी। मेरी टांगे झांघे ठक् दिख रही थी। पार्टी के वक्त ही लियो ने मर्सीी। मर्सी ऊपर कमरे में चली गयी। मैं जान गयी की अब वो चुदेगी। करीब 1 घण्टे बाद मर्सी लौटी उसकी लिपस्टिक, काजल बिखरा हुआ था। अरे मर्सी? इतनी देर कहाँ लग गयी मैं पूछा 3 राउंड के खेल कर आई हूँ! मर्सी ने बताया।

मेरा खून एकदम से जल गया। अब 3 राउंड के बाद लियो मुझे क्या चोदेंगे। अब तो वो चादर तान कर ac चला कर सोयेगा। मर्सी ने मुझे कमरे में ऊपर भेजा। पर देखा तो लियो से व्हिस्की के 2 पेग लगाकर वो बेड पर पसर गया था, वो भी बिलकुल नंगा। दोस्तों, इस तरह मेरी चूदने की इक्षा ना पूरी हो सकी।कुछ दिनों बात श्लोक जो मेरी क्लास में है , थोड़ा काला कलूटा सा है मुझे लाइन देने लगा। आप ये सेक्सी अन्तर्वासना चुदाई कहानी और सेक्स स्टोरी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं… मैं उससे पट गयी।

मैं श्लोक को डेट करने लगी। वो मुझे अपनी करिश्मा बाइक पर बैठाता। हम दोनों, मॉल,जाते, मल्टीप्लेक्स में पिक्चर देखते। कभी कभी हम डिस्को भी जाते। पता नही क्यों मैं कुछ ज्यादा ही वाइल्ड हो गयी। यार श्लोक, तू बस मुझे बस घुमाएगा ही या कुछ करेगा भी?? मैंने श्लोक से पूछा उस दिन श्लोक अपने पापा की होंडा सिटी लेकर आया था। क्या मस्त गाडी थी। बिलकुल हवाई जहाज की तरह चलती थी। ac बड़ी मस्त थी। गर्मी में सर्दी और सर्दी में गर्मी। पार्टी करते 1 बज गए थे। हम बार से निकले ही थे। chachi ki chut chudai

कार में श्लोक ने मुझ पकड़ लिया। सुरभी, तो भी कार में ही दे दे! श्लोक बोला अबे चूतिये, इसमें पूछना क्या, चल चोद मुझे, मैं तो कब से इंतजार कर रही हूँ! मैंने व्हिस्की के नशे में कहा श्लोक ने मुझसे पकड़ लिया और ताबड़ तोड़ मेरे जवाँ जिस्म पर किस्सेस की बरसात कर दी। उसने एक अँधेरे वाली जगह पार्क की थी। हम एक मॉल की अंदर ग्राउंड पार्किंग में थे। श्लोक से अपनी हौंडा सिटी की सीट पीछे कर दी थी। मैं आराम से लेट गयी थी और अपनी सील तुड़वाना चाहती थी।

श्लोक ने मेरी शार्ट स्कर्ट ऊपर कर दी और मेरी चिकनी टांगों को चूमने लगा। धीरे 2 वो ऊपर बढ़ने लगा। फिर वो मेरी मांसल झंघों पर पंहुचा और किश करने लगा। आँख उसने मेरी डिजायनर पैंटी ढूंढ ली और मेरी चूत को चड्ढी के ऊपर से ही चूमने लगा। मैं गरम होने लगी। श्लोक ने मेरा टॉप जिसमे ब्रिटनी स्पीयर्स बनी थी निकाल दिया। आज तक मैं सिर्फ अपनी मम्मी के सामने नंगी हुई थी, पर आज दूसरी बार श्लोक के सामने नंगी हो रही है। बिना नंगी हुए आखिर मैं कैसे चुदवा सकती थी। श्लोक मेरी ब्रा निकलने लगा। आप ये सेक्सी अन्तर्वासना चुदाई कहानी और सेक्स स्टोरी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं… मैंने विरोध नही किया। hindi porn kahani

फिर उसने खुद को नंगा किया और मेरी डिजायनर पैंटी भी निकाल दी। श्लोक ने कार को लॉक कर लिया जिसने कोई अंदर ना आ पाए। उसने सारी लाइट्स बन्द कर दी। मैंने अपने नाजुक पतले पतले हाथ अपने सिर के नीचे रख दिए। श्लोक मेरे बूब्स पिने लगा। वो बड़ी लग्न ने मेरी निप्पल्स पी रहा था। बिच बीच में वो कभी कभी मेरे काले निपल्स को काट भी लेता था। मैं चिहुँक उठती थी।

फिर श्लोक मेरी पुसी की ओर बड़ा। मेरी पुसी किसी भट्टी की तरह गर्म थी। श्लोक मेरी पुसी चाटने लगा। वो अपनी जीभ को गोल गोल घुमाकर मेरी चूत चाट रहा था। मुझे थोड़ी गुदगुदी भी हो रही थी। वाकई दोस्तों, चूत चतवाने में बहुत आनंद मिलता है। आज मैंने जाना। जब चूत चतवाने में इतना मजा मिलता है तो चुदवाने में कितना मजा मिलेगा। मेरा क्लासमेट श्लोक मेरी चूत को ऊपर से नीचे उसकी मुलायम तहो में चाटने लगा। लगा मै कहीं झड़ ना जाऊ। श्लोक ने फिर अपना फोन निकाला।

अपनी ऊँगली से मेरी चूत को फैलाया और मेरी गुलाबी कुंवारी झिल्ली की फोटो खींची। मैं कोई विरोध् नही किया। उसने मेरे पैर कार के बोनट पर रख दिए। उसने मेरी चूत पर एक दो बार ऊपर से नीचे तक ऊँगली फिराई फिर अपने बड़े से लण्ड को एक दो बार मुठ मारके ताव दिया। मेरी धड़कन बढ़ गयी। हाय! अब मैं भी चूदने वाली थी। आज मैं भी अपनी फ्रेंड्स की तरह लण्ड खा जाऊंगी। मेरी धड़कन बढ़ गयी। इस बात का डर भी था कज कहीं सिक्योरिटी गार्ड ना आ जाए और हम लोगो को रंगे हाथ पकड़ ले। श्लोक ने अपने फ़ोन की रिकॉर्डिंग खोल दी और एक जगह सेट कर दिया।

श्लोक जरा धीरे करना भाई! कम दर्द हो! मैंने कहाओए सुरभी! मुझे भाई मत बोल। मुझे बहनचोद नही बनना है। और रही बात दर्द की सब लौंडियों को पहली बार होता है! श्लोक बोला मैंने अपनी आँखे बंद कर ली। मैं अपने पापा की बहाःदुर बेटी बन गयी। श्लोक ने अपनी अग्नि मिसाइल मेरे लॉन्चिंग पैड यानि मेरी चूत पर रखी और ये जोर का दम लगाया। बाप रे!! मेरी तो माँ चुद गयी। आप ये सेक्सी अन्तर्वासना चुदाई कहानी और सेक्स स्टोरी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट ऑर्ग पर पढ़ रहे हैं…

लगा की किसी ने मुझे चाकू मार दिया हो। मैं छटपटाने लगी। श्लोक ने मेरे दोनों पतले चिकने पैर कस के पकड़ लिए और लण्ड को ऊपर लाया और फिर से पेल दिया मेरी कुंवारी चूत की गहराई में उसका लण्ड लाल लाल हो गया। जैसे उसने अपने मोटे लण्ड को लाल स्याही की शीशी में डूबा दिया हो। मैंने डरकर आँखे नही खोली। मैं दर्द बर्दास्त कर गयी।

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