मकान मालिक ने मेरी बीबी को रात भर चोद के किराया वसूल किया


 मैं विष्णु आप सभी को अपनी कहानी नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर सुना रहा हूँ. मैंने बलरामपुर में पॉवर हॉउस के पास २ कमरे किराये पर लिए थे. साथ में किचेन और लैट्रिन बाथरूम था. मैं और मेरी जवान बीबी सिमरन यहाँ रहने लगे. मैं उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन में बाबू की नौकरी कर रहा था. इस कालोनी से मेरा दफ्तर पास पड़ता था इसी वजह से मैं अपनी बीबी सिमरन को लेकर यहाँ रहने लगा था. शुरू शुरू में सब अच्छा लगा. पर धीरे धीरे मुझे मकान मालिक गजराज सिंह के बारे में रोज नई नयी बात पता चलने लगी.

मेरे मकान में कुल १० किरायेदार थे. गजराज एक बहुत ही शराबी आदमी था ये बाद मुझे बाद में पता चली. वो सुबह ९ बजे पानी की मोटर चलाता था. हम सभी किरायेदार जल्दी जल्दी बड़ी बड़ी बाल्टियों में पानी भर लेते थे. पर बाद में अगर कोई किरायेदार उससे पानी की मोटर चलाने को कहता था तो वो उल्टा सीधा बकने लग जाता था. इसके साथ ही वो शाम होते की दरवाजे पर कुर्सी लगाके बैठ जाता था और खुलेआम शराब पीता था. कई किरायेदारों ने इस बात पर आपत्ति जताई थी इस पर वो आज बबूला हो जाता था. ‘बहनचोद!! अगर ये घर पसंद नही है तो कहीं और जाकर कमरा ले ले!!’ गजराज सिंह बोलता था. इसके साथ ही वो किरादेदारो की बहन बेटियों को गंदी नजर से देखता था. रात में अगर कोई किराएदारिन गजराज के पास से निकलती थी तो वो उसका हाथ पकड़ लेता था. ‘एक बार कमरे में चलकर चुदवा ले सारा किराया माफ़ कर दूंगा!’ गजराज कहता था.

मुस्किल से १० दिने बीते होने की मेरे बगल वाले आर्या जी अपना किराया नही चूका पाए. बड़े सज्जन आदमी थे, बिहार के रहने वाले थे. गजराज सिंह ने उनकी औरत का हाथ पकड़ लिया ‘ गांडू! तू जानता है ना की १ तारिक को मुझे किराया हर हालत में मिल जाना चाहिए, तेरी औरत को मैं साथ लेकर जा रहा हूँ. अगर रात १० बजे तक तू किराया लेकर मेरे कमरे पर नही आया तो मैं तेरी जवान चुदासी बीबी को चोद चोदके किराया वसूल करूँगा!!’ गजराज बोला. इस समय भी उसने पी रखी थी. शराब का भभका उसके मुँह से बड़ी तेज आ रहा था. सारे किरायेदार हमारे कमीने मकान मालिक गजराज का ऐसा रूप देखकर दंग रह गये. जैसे तैसे आर्या जी से ४००० रूपए किराया रात १० बजे तक जमा कर दिया वरना उनकी बीबी तो गजराज जैसे पहलवान के लंड से चुद गयी होती.

उस दिन के बाद से सब मकान मालिक गजराज से डरने लग गये. १ तारिक को सारे किरायेदार किराये का इंतजाम कर लेते और गजराज को दे देते. दोस्तों, लगभग २ हफ्ते बाद मैं किसी कारण वश सस्पेंट कर किया. जिससे मुझे अब आधी सैलरी मिलने लगी. इसलिए जो पैसे मिले तो मैंने बच्चों की पढाई की फिस चूका दी और बीमे की किश्त भर दी. मकान मालिक गजराज के बारे में उसके किराये के बारे में मैं बिलकुल भूल ही गया. जैसे ही १ तारिक आई मेरा शराबी मकान मालिक सुबह ८ बजे मेरे कमरे पर आ धमका. उसे देखते ही मेरे चेहरे की रंगत उड़ गयी.

‘हा भाई विष्णु!! जा जल्दी से मेरा ४००० रुपया किराया लेकर आ!’ गजराज अपनी रौबदार आवाज में बोला. हमेशा की तरह उसके मुँह से शराब की तेज महक आ रही थी.

‘मालिक मैं किसी वजह से सस्पेंट कर दिया गया हूँ. जो आधी तनखा बची थी उससे मैंने बच्चों की फिस भर दी. तुम्हारे किराए के पैसे मेरे पास नही है’ मैंने कहा. मेरी बात सुनते ही वो क्रोधित हो गया. ‘ओ भाई विष्णु मेरे को मेरा किराया मांगता है!! कहीं से भी ला!’ गजराज बोला.

मालिक !! मैं आपका किराया हफ्ते भर में लौटा दूंगा. प्लीस मुझे १ हफ्ते की मोहलत दो’ मैंने हाथ जोड़ते हुए कहा.

‘बहनचोद!! तेरे पास कल तक का वक़्त है. कल शाम तक मुझे पैसा नही मिला तो समझ लेने. वैसे तेरी बीबी काफी जवान है. उसे चो……द कर भी मैं किराया वसूल कर लूँगा!!’ मेरा शराबी बदमिजाज मकानमालिक बोला और सिमरन की तरह ओंठ चाबाते हुए देखने लगा. मेरी जवान और चुदासी बीबी सिमरन वही कमरे में साड़ी पहने खड़ी थी. गजराज ने मेरी जवान बीबी को सर से पांव तक भरी नजरों से देखा. ‘कल तक का तेरे पास वक़्त है. किराया चूका देना वरना मैं तेरी जवान औरत को चोदकर किराया वसूल करूँगा!’ गजराज बोला. उसके जाने के बाद तो दोस्तों मेरा बुरा हाल था. डर और चिंता से मेरा बुरा हाल था. मेरा गला सुख गया था. सिमरन मेरे लिए एक ग्लास पानी लेकर आई. मैंने पानी पिया. रात होने पर मेरी बीबी सिमरन ने बच्चों को खाना खिलाकर उनके कमरे में सुला दिया. सिमरन एक पारदर्शी हल्की नाईटी पहनकर मेरे पास आ गयी. वैसे तो रोज ही मैंने उससे प्यार करता था , रोज रात में उसको चोदता पेलता था, पर आज तो मेरे सर पर पसीना ही पसीना आ रहा था.

‘सिमरन !! जान अगर कल तक मैं किराये का इंतजाम ना कर पाया तो क्या होगा. कहीं वो गुंडा गजराज तुमको चोद न दे!’ मैंने कहा.

‘विष्णु!! तुम बिलकुल परेशान न हो. अगर कल शाम तक तुम पैसे का इंतजाम कर लोगे!’ सिमरन बोली. दोस्तों सुबह होते ही मैंने अपने अधिकारी को फोन लगाया. वही मेरे बोस थे. मैंने उनसे ४ हजार रुपए की मदद करने को कही. उन्होंने तुरंत हाथ खिंच लिए. फिर मैंने एक एक करके अपने खास दोस्तों को फोन लगाया और मजबूरी बताई, पर सबने कोई न कोई परेशानी बता दी. शाम ८ बजे तक पैसे का कोई इंतजाम ना हो पाया और गजराज आ गया.

‘हां भई विष्णु!! चल जल्दी से मेरे पैसे ले आ! गजराज मेरा मकानमालिक बोला.

‘मालिक! पैसे का तो इंतजाम नही हो पाया!’ मैंने गिडगिडाया और दोनों हाथ जोड़ लिए.

‘गांडू !! अब तो तेरी इस पतली कमर वाली मस्त औरत को चोदना ही पड़ेगा’ गजराज बोला और अंदर कमरे में जाने लगा. उस कमरे में मेरी जवान बीबी सिमरन हल्की पारदर्शी नाइटी पहन के लेटी हुई थी.

‘प्लीस गजराज भाई!! प्लीस ऐसा मत करो! सिमरन मेरी धर्मपत्नी है! प्लीस उसे मत चोदो!’ मैंने कहा

‘अबे गांडू किसी की धर्मपत्नी को चोदने में तो जादा मौज आती है. अब मैं अंदर कमरे में आ रहा हूँ. मुझे डिस्टर्ब मत करना. यही अपने बच्चों के साथ कान में रुई डाल के सो जा. मैं सुबह तक मेरी पतली कमर वाली बीबी को चोदूंगा. कल सुबह तक तेरा किराया चुक जाएगा. फिर तुझे किराया भरने की जरुरत नही होगो!’ गजराज शराब के नशे में झूमता हुआ बोला. मैं उससे प्लीस प्लीस करता रहा. वो कुत्ता अंदर वाले कमरे में चला गया. गजराज ने मेरी जवान चुदासी बीबी का हाथ पकड़ लिया. ‘चल छिनाल !! मुझे खुश कर. कहाँ बिस्तर पर पड़ी आराम फरमा रही है!’ गजराज बोला. उस कमीने ने मेरी बीबी सिमरन की पारदर्शी नाइटी में मम्मे के पास अंदर हाथ डाल दिया. मेरी बीबी सिमरन के मस्त मस्त कबूतर दबाने लगा. सिमरन डर गयी. वो जान गयी की मकानमालिक गजराज सिंह आज उसको चोदेगा.

‘प्लीस!! मुझे छोड़ दो!! प्लीस, मैं आपकी बहन जैसी हूँ. प्लीस मुझे मत चोदिये!! सिमरन गजराज से हाथ जोड़ते हुए बोली

‘सिमरन मेरी जान! अगर मेरी बहन जैसी जैसी गजब का माल होती तो मैंने उसकी साड़ी भी उतार देता और उसकी गर्म चूत में अपना ठंडा ठंडा लौड़ा दे देता!’ गजराज बोला. सिमरन रोने लगी. वो हाथ जोड़ने लगी. प्लीस प्लीस करने लगी. पर राक्षसी स्वाभाव वाले गजराज पर कोई असर नही हुआ. उसने मेरी जवान बीबी सिमरन को जोर का धक्का दिया और वो बिस्तर पर गिर गयी. गजराज ने उसे पकड़ लिया और उसके सफ़ेद रबडी जैसे गालों को अपने बदबूदार होंठो से चूमने लगा. सिमरन चाह कर भी भाग ना सकी क्यूँ गजराज ने अपने मजबूत हाथों से उसे पकड़ रखा था. उसके हाथ मेरी जवान बीबी के सीने पर रेंगने लगे. हल्की काली पारदर्शी नाईटी में सिमरन बिलकुल कयामत लग रही थी. उसका मादक जिस्म झीनी नाईटी के अंदर से दिख रहा था. सिमरन की कमर बहुत ही पतली बहुत ही सेक्सी थी. उसने कमर पर हल्की से तिकोनी काली सिल्क कपड़े की पेंटी पहन रखी थी. सिमरन बिलकुल क़यामत लग रही थी. कोई भी मर्द उसे एक नजर देख लेता तो उसका लौड़ा तुरंत खड़ा हो जाता. राक्षस प्रवृति गजराज मेरी बीबी सिमरन को होंठो और गालों पर धड़ाधड़ चुम्मा लेने लगा. वो सिमरन के बेहद मासूम गुलाबी होंठो को पीने लगा. और हाथो से मेरी बीबी की इज्जत, उसकी नर्म नर्म छातियाँ अपने कठोर हाथो से मसलने लगा. सिमरन प्लीस प्लीस करती रही पर गजराज को तरस नही आया.

मैंने अपने २ छोटे बच्चों के कान अपने हाथों से धक दिए क्यूंकि सिमरन जोर जोर से छोड़ दो! छोड़ दो! करके चिल्ला रही थी. ‘पापा! गजराज अंकल अंदर कमरे में मम्मी के साथ क्या कर रहे है??’ मेरे बेटे बंटी से पूछा.

‘बेटा मम्मी के पेट में दर्द हो रहा था. इसीलिए गजराज अंकल मम्मी का दर्द ठीक करने आये है!’ मैंने बंटी से कहा. अब उस मासूम से क्या कहता की मैं कमरे का किराया नही चूका पाया इसलिए गजराज अंकल तुम्हारी मम्मी को आज रात चोदेंगे और किराया वसूल करेंगे. मैंने बच्चों के कान अपने हाथ से बंद कर दिए जिससे सिमरन चुदवाते समय चिलाए तो बच्चे ना सुन सके. उधर गजराज की नियत मेरी जवान चुदासी औरत सिमरन पर पूरी तरह से खराब हो गयी थी. अब वो मेरी बीबी को चोदकर ही रहेगा, ये बात मैं अच्छे से जानता था. क्यूंकि सिमरन थी ही इतनी झक्कास. सिमरन भागने की लाख कोशिश कर रही थी, पर गजराज से उसे कलाई से कसके पकड़ रखा था. वो मेरी बीबी को अपनी पर्सनल माल की तरह चुम्मा पर चुम्मा ले रहा था.

फिर गजराज ने सिमरन को बिस्तर पर जोर से पटक दिया. उसके मचलते दोनों हाथों को पकड़ लिया और सिमरन के मुँह पर मुँह रखकर उसके मस्त मस्त लाल ओंठ पीने लगा. ‘सिमरन!! मेरी जान आज तो तेरी लाल चूत में मैं डुबकी लगाकर रहूँगा. तेरी चूत तो मैं हर हालत में मारूंगा!’ गजराज मेरा मकान मालिक बोला. ये देख देखकर सिमरन की हालत देखकर मैं रोने लगा. ये सब मेरी वजह से ही हुआ. अगर मैं उसे कुत्ते को समय पर किराया चूका देता तो आज ये सब क्यूँ देखना पड़ता. मैंने खिड़की से झांककर देखा गजराज मेरी बीबी के ओंठ पी रहा था. सिमरन की सारी चटक लाल रंग की लिपस्टिक गजराज के होंठो पर लग गयी थी.

फिर वो उस झीनी बेहद हल्की पारदर्शी नाइटी के उपर से ही सिमरन के मस्त मस्त आम दबाने लगा. मैं फुट फुटकर रोने लगा. गजराज के राक्षस जैसे कठोर हाथ सिमरन के नर्म नर्म आमों को जोर जोर से दबा रहे हे. कुत्ता मेरी औरत के साथ फुल मजे कर रहा था. सिमरन आ उईईईईई! मर गयीईईईईईई अ आ ! करके चीख रही थी. मैं सब समझ रहा था. कमीना गजराज आज रात मेरी बीबी को कीसी बिकाऊ रंडी की तरह चोदने वाला था. फिर गजराज से सिमरन की वो हल्की नाइटी भी निकाल दी. उसकी सिल्क वाली काली पेंटी भी उतार दी. मेरी बीबी की चूत देखकर गजराज को अजीब सा नशा चढ़ गया. वो सिमरन की चूत पर झुक गया और मजे से पीने लगा. सिमरन की चूत बिलकुल साफ़, बहुत चिकनी थी. चूत पर एक भी बाल नही था. गजराज की जीभ के स्पर्श से सिमरन की चूत फूलकर कुप्पा हो गयी. कुछ देर बाद सिमरन को भी चूत पिलाने में मजा आने लगा.

ये सब देखकर मैं जल भुन गया. जी तो हुआ की जहर की गोली खुद भी खा लूँ और बच्चों को भी खिला दूँ. ये भी कोई जिन्दगी है की अपनी बीबी को मकानमालिक से चुदते हुए अपनी आँखों से देखना पड़ रहा है. इससे अच्छा तो मैं मर गया होता. गजराज मजे से हपर हपर करके मेरी बीबी की चूत पीने लगा. फिर उसके छेद में ऊँगली करने लगा. कुत्ता बड़ी जोर जोर से सिमरन की चूत में ऊँगली करने लगा. सिमरन तड़पने लगी. फिर गजराज ने अपना लौड़ा सिमरन के लाल लाल भोसड़े पर रख दिया. कितना बड़ा लौड़ा था. फिर उसने गच्च से धक्का दिया और सिमरन को चोदने लगा. दोस्तों, ये सब देखकर मेरे आशू बहने लगे. मैं बिलक बिलक के रोने लगा. गजराज कमीना जोर जोर से कमर चला चलाके मेरी बीबी को चोदने लगा. सिमरन को भी ये सब अच्छा लगने लगा. उसने चुदते चुदते अपने दोनों पैर हवा में उठा लिए.

गजराज गपागप चौवे छक्के मारने लगा. वो बड़े मजे से मेरी बीबी को मेरे ही घर में मेरे ही कमरे में चोद रहा था. और ये सब सिर्फ इसलिए हो रहा था की मैं उसका ४००० रूपए किराया नही चूका पाया था. मैंने फिर से सिमरन की ओर गौर से देखा.अब वो बिलकुल भी नही रो रही थी और मजे से चिल्ला रही थी ‘गजराज!! चोद ले मुझे!! आज मुझे चोद चोदके अपना किराया वसूल कर ले!’ सिमरन बोल रही थी. इस पर मेरा मकान मालिक गजराज उसे गच्र गच्च चोद रहा था. फिर कुछ देर बाद गजराज ने अपना लौड़ा सिमरन के मस्त भोसड़े से निकाल लिया सिमरन के मुँह पर सारा माल झाड दिया. गजराज के मोटे १० इंच के लौड़े से मलाई की कई पिचकारी निकली और सीधा सिमरन के मुँह पर जाकर गिरी. सिमरन उसके माल को चाटने लगी.

ये सब देख के मैं दंग रह गया. मेरी आखें फटी की फटी रह गयी. फिर कुछ देर बाद गजराज ने मेरी बीबी सिमरन को कुतिया बना दिया. मैंने खिड़की से देखा. सिमरन की चूत बिलकुल फट चुकी थी. गजराज जैसे ताकतवर पहलवान जैसे मर्द का लौड़ा खाकर सिमरन की चूत फट चुकी थी और चौड़ी हो चुकी थी. मेरी बीबी कुतिया बनी हुई थी और गजराज पीछे से उसका मस्त गुझिया जैसा भोसडा पी रहा था. गजराज की लम्बी जीभ मेरी बीबी की चूत पर लहरा रही थी. मैं जानता था की गजराज को इस समय बड़ा मजा मिल रहा होगा. वो सिमरन की चूत के साथ साथ उसकी गुलाबी कसी कसी गांड भी पीने लगा. फिर उसने पीछे से डौगी स्टाइल में सिमरन की चूत में लौड़ा दे दिया और चोदने लगा. सिमरन एक बार फिर से मजे मारने लगी. अपना पिछवाड़ा आगे और पीछे करके मकानमालिक से चुदवाने लगी. फिर गजराज उसे वहसी की तरह पकापक चोदने लगा.

सिमरन की कसी कसी चूत में गजराज का लौड़ा बड़ा मीठा अहसास दे रहा था. गजराज ने कई शादी शुदा औरतों की चोदा था पर सिमरन जैसी माल खाने को उसे आज मिला था. ‘हूँ हूँ हूँ हां हाँ हाँ…..करके गजराज मेरी बीबी को गहराई से चोदने लगा. फिर कुछ देर बाद वो झड गया. जैसे ही गजराज ने अपना लौड़ा सिमरन के भोसड़े से निकाला ढेर सारा माल नीचे की ओर बहने लगा जिसे सिमरन ने तुरंत हाथ से रोक लिया और पुरे चूत प्रदेश में चुपड़ लिया. कुछ मिनटों में ही गजराज का लौड़ा फिर से खड़ा था. इस बार उसने मेरी बीबी की गांड में मस्त मस्त कसे छेद में लौड़ा डाल दिया और चोदने लगा. इस तरह दोस्तों उसने मेरी बीबी सिमरन को रात पर चोदा और गांड मारी. सुबह होने पर वो चला गया. मेरे इस महीने का किराया माफ़ हो चूका था. ये कहानी आप नॉन वेज स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.



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