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अंकल जी ने मुझे और मेरी माँ को एक साथ चोदा


Ma beti ki chudai ki kahani, uncle sex story, hindi group sex story, कोरोना ने क्या से क्या कर दिया, मुझे और मेरी माँ को अंकल जी ने चोदा एक महीने तक जब मेरे पापा कोरोना बीमारी के चलते हॉस्पिटल में थे। घर पर मैं और मेरी माँ थी और अंकल जी जो हमारी हेल्प के लिए थे वो हम दोनों को चुदाई कर रहे थे।

ये कहानी आज मैं आपको नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर लिख रही हूँ। असल में अंकल जी की कोई गलती नहीं थी। आप लोग ये ना सोचे की अंकल जी ने फायदा उठाया असल में मेरी माँ न फायदा उठाया था अंकल जी का अपने पति को वो हॉस्पिटल में भर्ती कर दी और इधर रंगरेलियां मनाने लगी। तो मैं भी कहा पीछे रहती मैं भी उन्ही के नक़्शे कदम पर चल पड़ी और मैं भी कोरोना काल में खूब चुदी।

मैं इस वेबसाइट की नई नई पाठक हूँ मेरे एक दोस्त ने बताया था इस वेबसाइट के बारे में तो मैं भी कहानियां पढ़ने लगी। आज मैं आपके लिए लिख भी रही हूँ। ताकि आप भी मेरी सेक्स कहानी पढ़ें और मजे लें। क्यों की मैं भी सेक्स कहानियां पढ़कर मजे लेती हूँ तो आज मुझे अपनी कहानी कहने का मौका मिल गया।

अब मैं सीधे कहानी पर आती हूँ। मेरा नाम रूचि है और मेरी मम्मी का नाम बेबी, मेरी उम्र उन्नीस साल है और मेरी मम्मी की उम्र 38 साल। मेरे पापा का उम्र ज्यादा है वो मेरी मम्मी से करीब 15 साल बड़े है इसलिए शायद मम्मी उनको कम पसंद करती है और ज्यादा लगाव उनका पापा के दोस्त संजय अंकल से हैं। संजय अंकल की उम्र मेरी मम्मी के उम्र के ही है देखने में हॉट और सेक्सी है।

मेरी मम्मी और मैं दोनों ही फैशन के शौक़ीन हैं। हम दोनों हॉट और सेक्सी भी है। हम दोनों ही अपने पापा की बात को कम मानते है और खूब घूमते फिरते और एस करते हैं। पर ये सब कुछ मेरे पापा को ठीक नहीं लगता और फिर मम्मी से और मेरे से हमेशा लड़ाई झगड़ा होते रहता है।

इसलिए मम्मी संजय अंकल के करीब आ गयी। बात दिसंबर की है। मेरे पापा को बुखार लगा और हालत बहुत ख़राब होने लगी जब टेस्ट कराया गया तो पता चला की उनको कोरोना हो गया है। तो डॉक्टर ने उनको हॉस्पिटल में ही रखने की सलाह दे दी वो। सरकारी हॉस्पिटल में ही भर्ती हो गए। अब घर में मैं और मम्मी बची। मम्मी बहुत परेशां रहती थी। उस समय संजय अंकल से सहारा दिया।

वो हम दोनों की और यहाँ तक की पापा की भी खूब मदद किये करीब दस दिनों तक। उसके बात पापा की तबियत और बिगड़ गयी तो वो फिर मेरे घर में ही रुकने लगे। उनकी वाइफ और बेटे को गाँव भेज दिए। तो अब वो मेरे घर पर ही रहने लगे. पहले तो मेरी मम्मी उनको पसंद करती थी पर धीरे धीरे करीब आ गयी। वो ऐसे ट्रीट करती थी अंकल को जैसे की मेरी मम्मी के पति हो। उधर पापा हॉस्पिटल में इधर मम्मी का प्यार परवान चढ़ने लगा।

और धीरे धीरे प्यार चुदाई में तब्दील हो गया.

एक रात की बात है। जब मेरी नींद खुली तो देखि। अंकल हॉल रूम में सोते थे पर वो वहां नहीं थे। मम्मी के कमरे से कराहने की आवाज आ रही थी। मैं जब मम्मी के कमरे के पास पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद नहीं था थोड़ा से खुला हुआ था। जीरो वाट की लाइट जल रही थी। मम्मी अंकल के ऊपर बैठी थी अंकल निचे थे दोनों नंगे थे। मम्मी उछल उछल का अंकल का लंड चुत में ले रही थी।

निचे से अंकल धक्के देते ऊपर से वो उछल जाती और हाय हाय ओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह उफ्फ्फ की आवाज निकालती और खुद ही अपनी चूचियों को मसलती हुई सेक्सी आवाज निकालने लगती। ये देखते ही मेरी चूत में पानी आ गया और मैं वही पर अपनी चूत को सहलाने लगी और चूचियों को दबाने लगी।

अब मम्मी निचे हो गयी और अंकल मम्मी दो दोनों पैरों को अपने कंधे पर रखा और चौड़ी गांड के बीचो बिच अपने लंड को उनकी चुत पर सेट किया और जोर जोर से धक्के देने लगे। दोनों बड़ी बड़ी चूचियों को मसलते हुए अंकल जब जोर से लंड घुसाते तो मम्मी कहती ऐसे ही डालते रहो ऐसे ही डालो। ओह्ह्ह्हह्ह मैं खुश हो गयी आअह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह मजा आ गया। मैं चुड़क्कड़ हो गयी हूँ। संजय जी मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ। मैं रोजाना आपसे ही चुदना चाहती हूँ। आप मेरे साथ शादी कर लो। अपनी बीवी को छोड़ दो।

मैं भी अपने पति को छोड़ दूंगी। आप गजब के चोदते हो। मुझे ऐसी ही चुदाई की जरुरत है। मैं आपसे संतुष्ट हो पाती हूँ आप मेरी चूत की गर्मी को शांत करते हो। मैं भी आपसे ही शांत होती हूँ। गजब का मोटा लंड है आपका और चोदने की कला भी है। आपको पता है औरत को कैसे संतुष्ट करते है।

तभी अंकल लंड निकाल पर मम्मी की चूत चाटने लगे। ओह्ह्ह्हह्ह ये देखकर मैं पागल हो गयी क्यों की मम्मी आह्ह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आउच उफ्फ्फ ओह्ह्ह्ह की आवाज निकाल रही थी। और फिर से अंकल लंड को उनकी चुत में घुसाया और फिर जोर जोर से जल्दी जल्दी अंदर बाहर करने लगे। दोनों ही तेज हो गए और जोर जोर से एक दूसरे को पकड़ लिए।

दोनों ही आआह उफ्फ्फ ऊह्ह्ह्ह करते हुए शांत हो गए। शायद अंकल का वीर्य मम्मी की चुत में गिर गया था और दोनों निढाल हो गए। अंकल वैसे ही पड़े रहे मम्मी के ऊपर दोनों शांत हो गए। मैं तुरंत ही अपने कमरे में चली गयी. और अपनी चूत में ऊँगली डाल कर खुद को संतुष्ट करने लगी। भला ऐसे कोई संतुष्ट होता है। मैं और भी ज्यादा कामुक हो गयी।

अब कल मैं बताउंगी की मुझे अंकल से कैसे चोदा क्या मम्मी ने मुझे अंकल से चुदवाया या मैं खुद चुदी या अंकल ने मुझे फंसाया ये कहानी कल मैं लिखूंगी। आप जरूर आना कल इस कहानी को पढ़ने मैं बहुत ही जायदा मजे दूंगी लंड खड़ा कर दूंगी और आप औरत है तो चुदाई जो आप करवाते हो उससे भी ज्यादा मजा आएगा। कल जरूर आना नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पर।



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