हम-उम्र कजिन बहन को चूत में उंगली करते देखा

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Ham-Umra Cousin Bahan ki chut me ungli karte dekha

हैलो, दोस्तो मैं प्रिंस राजस्थान से हु मेरी उम्र 21 साल , आज में आपको जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ वो मेरी कजिन बहन कि है उसका नाम अंजलि है, (बदला हुआ नाम) वो मेरी हु उम्र की है और मेरे ही साथ पढती है , उसका जिस्म एक दम गोरा ओर सेक्सी है, मेरी क्लास के सभी लड़के उसे चोदने की फिराक में रहते है, मेने भी कई बार उसकी नाम की मुट्ठ मारी है,, ओर उसके चुदाई के सपने देखे है,, लेकिन उसे चोद नही पाया ,।

फिर एक बार हमारे घर मे शादी का माहौल था और तभी हमारे एग्जाम भी थे,,, तो सभी शादी के काम काज में लगे थे ,, तो कोई भी हमारे साथ एग्जाम के लिए दूसरे शहर नही चल सकता था,,, तो घर वालो ने फैसला किआ ओर हम दोनों को अकेले ही जाना था,,,, तभी मेरे दिमाग में एक आईडिया आया कि,, यही सही मौका है,,, अंजलि को चोदने का ,, हमने अपनी पैकिंग की सभी सामान तैयार किया और चाचा के साथ बस स्टैंड पर रवानगी के लिए आ गए,,, हम थोड़ा जल्दी आये थे ,, बस रवाना होने में अभी थोड़ा समय था,, तो मैने चाचा से सिर दर्द का बहाना बनाते हुए कहा कि , चाचा जी,, में मेडिकल से पेनकिलर लेकर आता हूं,, ओर में वह बस स्टैंड पर पास ही एक मेडिकल शॉप पर गया,, ओर वहां से 2-3 कंडोम के पैकेट और एक सेक्स उतेजना की टेबलेट ले ली जिसे लेने से,, आदमी का लन्ड खड़ा हो जाता है और औरत की चुत मचलने लगती है,,,,

फिर हम समय पर बस से रवाना हुए। ओर कुछ ही समय मे एग्जाम सेंटर पहुच गए,,, हम दोनों ने एग्जाम दिया,,
ओर बाहर आकर एक दूसरे से डिसकस किया ,, हम दोनो का एग्जाम बहुत अच्छा हुआ,,, अब बारी थी अंजलि की चुदाई की,,, तो मैने अंजलि से कहा कि रात तक वापसी की कोई बस नही है,ओर अभी सुबह के 1 बजे है,, हम कोई गेस्ट हाउस में चल कर आराम कर लेते है,, वो भी मान गयी,, अब हमने पहले खाना खाया और फिर गेस्ट हाउस में सोने के लिए एक कमरा लिया,,,,

अंजलि,, रूम में आते ही वाशरूम गयी,, तो मैने उसी समय सेक्स उतेजना वाली टेबलेट उसके पानी की बोतल में घोलकर अच्छे से मिक्स कर दी,,, अब वह थोड़ी देर में बाथरूम से बाहर आई ओर बोतल से पानी पीने लगी और उसने पूरी बोतल का पानी पी लिया,, में मन ही मन बहुत खुश होने लगा,,,
फिर मेने अंजलि से कहा कि मुजे भी पानी प्यास लगी थी,,पानी तो है नही,, तुम आराम करो में बाहर आए पानी की बोतल लेकर आता हूं,, ओर में बाहर दुकान पे बोतल लेने चला गया,, अब मुजे पूरा अंदाजा तो था ही,,की अंजलि की क्या हालत हो रही होगी ,,,उसका बदन पुरा गर्म हो चुका होगा ,, ओर हवस उसके सिर चढ़ गई होगी,, साथ ही उसकी चुत भी गीली हो गयी होगी,,,, में जल्दी से बोतल ली और एक सेक्स उतेजक गोली खुद खाली ताकि मेरा लण्ड भी एकदम लोहे के जैसा कड़क ओर बड़ा हो जाए,, फिर मेने रूम के बाहर गया ,, ओर ,, बिना खटखटाए रूम के दरवाजे के छेद में से अंदर का नज़ारा देखने लगा,,,

मेरी बहन अपनी जीन्स उतार के अपनी चुत को जोर जोर से रगड़ रही थी,,, ओर अपने स्तन को मसल रही थी,,, यह सब देख कर मुजे बोहत मजा आ रहा था,,, तभी मेने तुरत दरवाजे को खोला ,, ओर उसे ऐसे देख कर चौक जाने का नाटक करने लगा ,,, ओर उसे गुस्से से देखने लगा,,, अब वो एकदम सहम सी गयी थी,,, ओर मुझ से माफी मांगने लगी,, की प्ल्ज़ प्रिंस तुम ये बात किसी को मत कहना,,, नही तो मेरी बदनामी होगी,,, ओर घर वाले मुजे बहुत मरेंगे,, ओर कहने लगी,, जवानी में तो यह सब करते है,,, तभी मेने मोके पर चौका लगाया और कहा कि जवान तो हम दोनों है,, हम दोनों एक दूसरे की जरूरत को पूरा कर लेते है,,,, तो फिर वो मन करने लगी,,,की नही तुम मेरे भाई हो और में तुम्हरे साथ ये सब नही कर सकती,,,, तब मैने उसे ब्लैकमेल करते हुए कहा कि,,,तो ठीक है में घर मे सबको तुम्हारा ये कारनामे बता दूंगा,,,, तो वो डर गई,,, ओर सेक्स करने के लिए राजी हो गयी,,,,

फिर क्या था दोस्तो,,, मेरे लण्ड पर भी गोली का असर सुरु हो गया था,, ओर पेंट में एकदम तंबू बन कर लण्ड खड़ा हो गया था ,, फिर मेने अपने पूरे कपड़े उतारे ओर नंगा होकर अपनी अर्द्धनँगी बहन के ऊपर गया,, ओर उसे पागलो की तरह चूमने लगा ,,, उसकी नँगी चुत पर मेरा लन्ड रगड़ने लगा,, ओर फिर उसके होंठो को आने दांतो से काटने लगा,,,, अब मेने उसके शर्ट को जोकि एकदम टाइट उसके बूब्स को कैद किये हुए था उसे,,, उतारा और उसके ब्रा के हुक को अपने मुह से खोलने लगा ,,,वो ऐसे ही मेरे नीचे लेटी हुई थी ,, ओर मे उसके उपर था ,,, ब्रा खुलते ही उसके 34 के बूब्स बाहर आगये ओर एक दम गेंद जैसे गोलगोल उन पर गुलाबी निप्पल क्या कमाल लग रहे थे,, हम दोनो पर ही हवस ओर सेक्स चढ़ा हुआ था और दोनों ही पूरे नन्गे एक दुसरे की बाहों में लिपटे हुए थे,,,क्या बताऊँ दोस्तो इटना मज़्ज़ा कभी नही आया ,,, उसके बूब्स को मसलने ओर चूसने के बाद अब में नीचे आगया ओर अंजलि की चुत को चाटने लगा,,, उसकी चुत एक दम चिकनी ,सेव की हुई और फुल टाइट थी,,, शायद मेरी बहन पहले किसी से चूदी नही थी,,,उसकी चुत वर्जिन थी,,,

अब तोह मुजे ओर जोश चढ़ने लगा था,,, पहली बार कुंवारी चुत को चोदने जारहा था,,,फिर मेने अंजलि को 69 पोसिशन में लिया और अपना लण्ड उसके मुंह मे डाल दिया और उसकी कुंवारी चुत को अपनी जीभ से जोर जोर से चूसने लगा,,, ओर अंजलि भी अब मजे ले रही थी और मौन कर रही,,
आआह ,,,,,,आआह ,,,,,आआआ,,, ओह्ह प्रिंस,,, चाटो,,, मेरी चुत,,,,यसस और जोरर,,,,, से,,,हहहहह आआह ओह्ह ,,,ओह्ह ,,,,

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15 मिनट तक एक 69 में रहने में बाद हम दोनों झड़ गए ,, मेरा पूरा माल उसके मुंह मे निकल गया जो उसने ,,, पी लिया,, ओर उसकी चुत का पानी भी मेने चाट लिया,,, अब बारी थी चुदाई की,,, तो जैसे ही मेने उसकी दोनों टंगे फैलाई,,, ओर ,,,अपना लौड़ा उसकी चुत पर रगड़ने लगा,, तो अंजलि,,, ने एकदम से विरोध कर लिया,,, ओर बोलने लगी कि बस भाई इतना बहुत है,, इससे आगे में अब नही कर सकती,,, अगर तुम्हारा माल मेरी चुत में गिर गया,,, तो में प्रेंग्नेंट हो जाऊंगी,,, ओर अभी हमारे पास प्रोटेक्शन के लिए कंडोम भी नही है,,, तभी मेने अंजलि के एक बूब्स को मसलते हुए कहा कि मेरी रंडी बहन तेरे इस भाई ने सब इंतेजाम कर रखा है,,, ओर फिर मेंने अपने बैग में से कंडोम का पैकेट निकाला ,, ओर कंडोम पहन लिया ,,, ओर अंजली के पैरों के पास आकर उसकी कमर के नीचे एक तकिया रख,,,दिया। तैयार हो जाओ मेने कहा,,,

तो उसने फिर से अपनी टंगे समेट दी और कहा कि नही भाई ये रहने दो,,, मुझे बहुत डर लग रहा,, हैं,, ये मेरा पहली बार है,,, ओर इसमें बोहत दर्द होता है,,,, ओर वो बारबार मना करने लगी,,,, इधर मेरा लन्ड तो फुंकार मार रहा था,,, तो मैने उसे समझते हुए कहा कि देखो,,,में एक दम आराम से आहिस्ता आहिस्ता डालूंगा,, ओर तुम्हे बिल्कुल भी दर्द नही होगा,,,, ओर फिर वो तैयार हो गयी अब मेने लन्ड पर कंडोम चढ़ाया ,, ओर अंजलि की टांगो को पूरा फैलाकर,,,, उसकी कुंवारी वर्जिन चुत पर अपना लन्ड धीरे धीरे अंदर करने लगा,,, अंजली को थोड़ा थोड़ा दर्द महसूस हो रहा था,, अब मेरा लन्ड बहन के चुत में घुस चुका था,,, ओर अंजली मौन कर रही थी,,,

आआह ,,,, हहहहहह आआह,,, ओह्ह य्य्य्य्यस,,,, सस्सस्सा,,,आआआ,,
तभी मेने उसके होंठो को अपने होंठो से भींच दिया ताकि उसकी चीख बाहर ना निकले,,, ओर तुरन्त अपनी कमर के एक जोर का झटका लगा कर 9 इंच लम्बे ओर 3 इंच चोडे लन्ड को पूरा अंदर घुसा दिया,,,
ऊऊममममममम,,,, आआआआआ ,,,,,,ऊईईईई ,,, अब अंजलि के आंखों मे से आंसू निकल गए और वो दर्द के मारे चिलाने लगी,,झटपटाने ,,,लगी,,, तब में थोड़ी देर ऐसे ही रुका रहा ।। और उसके निप्पल से खेलने लगा,,, ओर उसे चुसने लगा,,, अब 10 मिनट बाद अंजलि थोड़ी नार्मल हुई,,,तो मेने अपना लण्ड बाहर निकाला और फिर एक जोरर के झटके से पूरा अंदर डाल दिया,,,,,,,

ऊईईईई माँ,,,, मरर गईईई रे,, आआह ,,,ईईईई हहहह ,,,,आआआआआ ,,,,,आआह आआह,,,

अब फिर क्या था वो मेरे नीचे थी और में उसके ऊपर,,, मशीनरी पोजीशन में में उसकी धमाकेदार चुदाई कर रहा था और वो भी मजजे लेकर चुद रही थी,, करीब,,, 40 मिनट तक मेने उसकी चुत चोडी ,,, जिसमे वो 2 बार झड़ चुकी थी,,,, फिर मेने उसे घोड़ी बनने को कहा और उसके पिछे जाकर उसके मस्त कुल्हों को मसलने लगा।।,,,
और उसकी मस्त गांड को चाटने लगा,,, उसकी गांड को गीली करने के बाद में ने उसकी गांड में भी अपना लन्ड घुसा दिया और उसकी गांड चौड़ी कर दी,,ओर जोर जोर से चुदाई,,, की फिर हम रात को रवाना होकर घर आगये,,,,
अब जब भी हमे मौका मिलता है,,, हम चुदाई करते है,,,,

HotSexStory.xyz में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!

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