भाभी की गांड का गुलाम-2

By | March 31, 2021

Bhabhi ki gand ka gulam-2

इतना सुनने पर भैया ने भाभी की चूत से अपने लंड को बाहर निकालकर उनकी गांड के छेद पर लगाकर एक धक्का लगा डाला और उनकी गांड की धुनाई करनी शुरू कर दी, तो भैया 3-4 मिनट में ही झड़ गये. अब उनके लंड से गर्म वीर्य का फव्वारा देखकर मेरा भी लंड भीग आया था, लेकिन में क्या करता? तो मुझे दबे पैर वापस आकर सोना पड़ा और बड़ी मुश्किल से मेरी रात कटी. अब मैंने भी भाभी की गांड मारने की सोच ली थी. फिर कुछ दिनों के बाद मुझे भी मौका मिल ही गया.

फिर एक दिन में अचानक से भाभी के बेडरूम में जा घुसा, तो जब भाभी नहाकर टावल लपेटकर निकली ही थी, तो वो मुझको देखकर समझ तो गयी कि इस लड़के को मेरी गांड चाहिए, लेकिन वो मुस्कुराकर बोली कि आज घर में कोई नहीं है, सब शादी में गये है, कल तक हम इस घर में दोनों अकेले है. तो मैंने कहा कि जानता हूँ, भाभी आप बहुत सुंदर हो.

भाभी ने मुस्कुराकर कहा कि आज इतनी तारीफ क्यों? तो मैंने कहा कि वो भाभी आज मेरे दिल की तम्मना पूरी कर दो. तो भाभी बोली कि क्या है तुम्हारी तम्मना? अब भाभी के चेहरे पर एक कातिल हसीना वाली मुस्कुराहट थी.

मैंने कहा कि आपकी गांड मारनी है, सच भाभी इतनी खूबसूरत, जवान, मदमस्त, भारी, फूली हुई साँचे में ढली गांड मैंने आज तक नहीं देखी है, तुम्हारी गांड इतनी मांसल है, अपनी गोरी-गोरी गांड के दर्शन करवा दो भाभी, तुम्हारी खूबसूरती की कसम ज़िंदगी भर तुम्हारा गुलाम बनकर रहूँगा और यह कहकर में उनके टावल से लिपट गया और उनको अपनी बाहों में उठा लिया.

अब भाभी को बाहों में भरने और गोद में उठाने से उनका टावल निकलकर जमीन पर आ गिरा था और वो ब्रा और पेंटी में आ गयी थी. अब वो हल्की गुलाबी ब्रा और पेंटी में बहुत ही मादक लग रही थी. फिर वो मुस्करा उठी, तो मैंने भी जल्दी से उनके होंठो को अपने होंठो में क़ैद किया और 3-4 मिनट तक उनके होंठो को अपने होंठो में दबाए रखा.

अब हमारी जीभ से जीभ लड़ रही थी और थूक का आदान-प्रदान हो रहा था. अब में उनके होंठो को चूसता, तो वो भी मेरे होंठो को चूस रही थी, उनके होंठ बहुत मीठे थे, उनके होंठ गुलाबी, मुलायम और गुलाब की पंखुड़ी की तरह थे. अब में उनको गोद में ऊपर उठाए था और उनकी दोनों गोरी-गोरी जांघे मेरी कमर के इधर-उधर थी. अब मैंने उनको बिस्तर पर लाकर लेटा दिया था और उनको मसाज करने लगा था. फिर में भाभी की ब्रा खोलकर उनकी दोनों बड़ी-बड़ी चूचीयाँ पीने लगा था, उनके निप्पल तो बहुत ही मीठे थे.

फिर मैंने अपनी उँगलियों से उनकी निप्पल की मालिश की और फिर सक करता रहा और उनके दोनों बूब्स का अच्छी तरह से मर्दन किया, जिससे उनकी चूचीयाँ टाईट होकर फूलकर बड़ी हो गयी और फिर उनकी नाभि को अपनी जीभ से चाटा, उनकी गोल गहरी नाभि महककर बता रही थी कि भाभी कस्तूरी हिरण के समान थी.

भाभी बोली कि जल्दी से पेंटी उतारो और मेरी चूत को चाटकर मेरी चूत की खुजली मिटाओ. फिर मैंने भी उनकी आज्ञा का पालन एक होनहार देवर की तरह किया और बिना टाईम गँवाए उनकी चूत में अपनी जीभ से सेवा शुरू कर दी. फिर भाभी हाययययी यार कितना मज़ा देते हो? हाईईईईईई, आअहह, ऊहहहहह जैसी सिसकारियां निकालने लगी. अब उनको अपनी चूत की खुजली और जलन शांत करवाने में बड़ा मज़ा मिल रहा था. अब मेरी जीभ भाभी की चूत में अंदर-बाहर सांप की तरह आ जा रही थी. फिर में लप-लप कर उनकी चूत को गीला करके अपनी पूरी रफ़्तार से उनकी चूत चाटने लगा.

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फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उनके चूतडों को ऊपर किया और उनकी गांड के नीचे एक तकिया रख दिया, जिससे फिर मैंने उनकी गांड के ऊपर भी अपने प्यार का लेप लगाया. अब में उनकी चूत को अपने होंठो में दबाता और फिर अपनी जीभ बाहर करके उनकी गांड के काले छेद पर भी थूक लगाकर हल्के से अपनी जीभ से उनकी गांड को सहला देता, जिससे उनकी जवानी को एक करंट लगता था. अब में अपने लंड को तैयार कर चुका था.

मैंने भाभी से कहा कि अपनी टाँगे फैला लो ताकि उनकी गांड में लंड डालने में आसानी हो और ज़ोर लगाकर एक धक्का दिया, जिससे मेरा लंड उनकी गांड के अंदर एड्मिट हो गया और फिर मैंने बड़े मजे ले-लेकर उनकी गांड मारी. फिर में नीचे सीधा लेट गया और भाभी सामने की तरफ अपना मुँह करके मेरे लंड पर अपनी गांड टिकाए बैठ गयी थी.

फिर मैंने उनकी गांड को फाड़ना शुरू किया और पीछे से अपने दोनों आगे हाथ बढ़ाकर उनकी दोनों चूचीयाँ दबाने लगा. अब में नीचे उनकी गांड की धुनाई करता जा रहा था और पीछे से उनकी दोनों बूब्स की मालिश कर रहा था, जिससे उनको आराम मिल रहा था.

अब उनकी गांड के अंदर बाहर करने से मेरे लंड को एक अलग ही सुख मिल रहा था और साथ ही मैंने अपनी दोनों उंगलियों को सामने उनकी चूत के गुलाबी छेद में अंदर डालकर उनकी चूत की चुदाई भी शुरू कर थी, जिससे भाभी को दुगुना मज़ा मिल सके और वो जन्नत की सैर का भरपूर आनंद ले सके. फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपने लंड को उनकी गांड से बाहर खींच लिया और भाभी के बूब्स पर अपना सारा वीर्य गिरा दिया. अब भाभी की गांड की सैर करके में उनका गुलाम बन गया था और में आज भी उनकी गांड मारने जाता हूँ और खूब मजा करता हूँ.

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